संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों को बुनियादी शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए अब डिंग मंडी, डबवाली और ऐलनाबाद में भी आंचल स्कूल खोले जाएंगे।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) मुकेश कुमार ने बताया कि ईंट भट्ठों पर कार्यरत प्रवासी श्रमिकों के बच्चे परिवार के साथ यहां आते हैं। यह मजदूर करीब छह माह तक यहां कार्य करते हैं। इस दौरान उनके बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इस कारण वह शिक्षा से संबंधित किसी दूसरी योजना का भी लाभ नहीं ले पाते। इसलिए एडीसी सरीन ने ईंट भट्ठे के श्रमिकों के लिए अलग से बुनियादी शिक्षा का प्रबंध करने पर जोर दिया।
बुनियादी शिक्षा के लिए रंगड़ी रोड पर सिरसा आंचल स्कूल शुरू किया गया है। इसमें ईंट-भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों के 40 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उपायुक्त शांतनु शर्मा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) लक्षित सरीन के प्रयास और ईंट भट्ठा एसोसिएशन के सहयोग से इस स्कूल का शुभारंभ 26 जनवरी को किया गया है। उन्होंने ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का कार्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दिया ताकि क्लस्टर की पहचान की जा सके। उन्होंने बताया कि इस स्कूल का दौरा कर जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाता है।
उन्होंने बताया कि आरंभिक स्तर पर पहले रंगड़ी रोड पर सुरखालिया ईंट भट्ठे पर सिरसा आंचल स्कूल खोला गया है। वहां संपर्क फाउंडेशन की ओर से ऑडियो वीडियो के माध्यम से बुनियादी शिक्षा का प्रबंध किया गया है। यहां स्कूल खोलने से पहले झज्जर, जींद और पटियाला क्षेत्रों के स्कूलों की जानकारी जुटाई गई थी।
ईंट भट्ठा एसोसिएशन की मदद से चल सका स्कूल
डीएफएससी मुकेश कुमार ने बताया कि स्कूल में बच्चों के लिए बड़ी एलईडी और मिड-डे-मील की तर्ज पर भोजन की व्यवस्था की गई है। इसका संपूर्ण खर्च ईंट भट्ठा एसोसिएशन वहन करती है। एसोसिएशन ने अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि इसी शैक्षणिक सत्र से यहां पर एसटीसी भी स्थापित किया जाएगा।