गोरीवाला। सरकारी स्कूलों में उच्च शिक्षा मुहैया करवाए जाने की बात को लेकर हरियाणा सरकार लाखों दावे पेश कर रही है। वास्तविकता यह है कि आज भी सरकारी स्कूल बिना स्टाफ ही चल रहे हैं। खंड डबवाली के गांव गिंदड़ खेड़ा का सरकारी स्कूल में छठी से आठवीं तक का स्टाफ नहीं है।
दो साल से स्टाफ न होने के विरोध में ग्रामीणों, अभिभावकों ने अपने बच्चों सहित मंगलवार को स्कूल के मेन गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने नारे लगाकर शिक्षा विभाग व सरकार के प्रति अपना रोष जाहिर किया। ग्रामीणों ने सुबह सात से नौ बजे तक करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। खंड शिक्षा अधिकारी बलजिंद्र सिंह भंगू ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए एक दिन का समय मांगते हुए बुधवार को विद्यालय में स्टाफ नियुक्त करने की बात कही। जिस पर ग्रामीणों ने अपना धरना स्थगित कर दिया।
सरपंच मनवीर कौर, सतपाल सिंह, गुरकर्ण सिंह, दर्शन सिंह, अमनदीप सिंह, कुलदीप सिंह, मनजीत सिंह ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला गिदड़ खेड़ा को अपग्रेड हुए दो साल का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई सरकारी अध्यापक की नियुक्ति शिक्षा विभाग द्वारा नहीं की गई। अपग्रेड होने के बाद टीजीटी के 5 पद, क्लर्क, चपरासी का पद स्वीकृत किए गए। स्कूल अपग्रेड होने के बाद 29 नवंबर 2018 को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निदेशक, मौलिक शिक्षा अधिकारी पंचकूला को राजकीय माध्यमिक विद्यालय गिदड़ खेड़ा के अपग्रेड होने उपरांत स्टाफ की नियुक्ति के लिए पत्र जारी किया गया। सात माह बीत जाने उपरांत भी किसी भी अध्यापक को नियुक्त नहीं किया गया। मई 2019 में डेपुटेशन पर गणित अध्यापक को नियुक्त किया गया। यह अध्यापक नीलियांवाली स्कूल से गिंदडखेड़ा में आया था। लेकिन करीब 15 दिनों के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गए।
आठ जुलाई को जब स्कूल लगा तो बच्चों को पता चला कि गणित अध्यापक भी विद्यालय में नहीं आए। उन्होंने अपनी डेपुटेशन रद्द करवा ली है। बच्चों ने यह बात अभिभावकों को बताई। अभिभावकों ने यह बात ग्राम पंचायत के संज्ञान में लाई। ऐसे में मंगलवार को स्टाफ न होने के विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल के समक्ष प्रदर्शन किया।
बच्चों की नहीं बनी यूजर आईडी
राजकीय प्राथमिक पाठशाला गिदड़खेड़ा द्वारा निदेशक मौलिक स्कूल एजुकेशन को अपग्रेड हुए स्कूल की एमआईएस पोर्टल की यूजर आईडी तैयार करने के बारे में 6 मार्च 2019 को एक पत्र मुख्य शिक्षक के माध्यम से भेजा गया। ताकि बच्चों का डाटा ऑनलाइन किया जा सके। सत्र 2019 के लिए विद्यालय में छठी कक्षा में बच्चों का दाखिला हो चुका था। दो साल के अंतराल उपरांत अभी तक बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं जैसे- वर्दी, स्टाइफंड, मिड-डे-मिल से बच्चे वंचित रह रहे हैं। स्कूल में छठीं कक्षा में 22 विद्यार्थी और सातवीं कक्षा में सात विद्यार्थी हैं।
अपने स्तर पर पंचायत ने रखे दो अध्यापक
स्कूल में स्टाफ के अभाव में पंचायत ने अपने स्तर पर दो अध्यापक नियुक्त कर रखे हैं। ये दो अध्यापक बच्चों को गणित और अंग्रेजी पढ़ा रहे हैं। लेकिन दो वर्ष से अध्यापकों की नियुक्ति न होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। ग्रामीणों ने स्कूल को बंद कर धरना शुरू कर दिया। गांव में बने सरकारी स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण बच्चें पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहे है उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
बुधवार तक स्कूल में खाली पदों पर डेपुटेशन अध्यापक नियुक्ति कर दिए जाएंगे।
- बलजिंद्र सिंह भंगू, खंड शिक्षा अधिकारी, डबवाली।