दोनों छात्रों को करंट लगने से बेसुध होने के बाद एक छात्र की जहां मौत हो गई, वहीं एक छात्र की जान बच गई। दूसरे छात्र की जान बचने का सारा श्रेय लायंस क्लब इंटरनेशनल के रीजनल चेयरमैन संजय खन्ना को जाता है। अगर वो दौड़कर पानी में नहीं उतरते और छात्रों को वहां से नहीं निकालते तो शायद दूसरे छात्र की भी मौत हो जाती। एक तरफ लोग पूरे घटनाक्रम की मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, वहीं संजय खन्ना ने करंट की परवाह किए बिना अपनी जान जोखिम में डालकर छात्र की जान बचाई।
जब छात्र रोहित और पवन को करंट लगा तो दो युवक उन्हें बचाने के लिए गए। जैसे ही उन्होंने दोनों छात्रों को छुआ तो उन्हें करंट लगा। इसके बाद वे वापस आ गए। करंट का पता चलने पर कोई भी पानी के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सब लोग तमाशबीन बन गए और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। चौक के पास ही लायंस क्लब इंटरनेशनल के रीजनल चेयरमैन संजय खन्ना का भी मकान है।
लोगों ने रोका तो भी नहीं रुके
उनके बेटे मौसम खन्ना ने उन्हें बताया कि बाहर कोई घटना हुई है। वो बाहर निकले तो दोनों छात्र पानी में पड़े थे और लोग तमाशा देख रहे थे। वे उन्हें उठाने के लिए पानी में कूद पड़े। लोगों ने कहा कि अंदर मत जाओ, वहां करंट है। खन्ना ने कहा कि जब पानी में होने के बावजूद करंट नहीं लग रहा तो वहां कैसे लगेगा। इसके बाद उन्होंने छात्रों को वहां से निकालने का प्रयास किया। जब लोगों ने देखा कि करंट नहीं लग रहा तो बाकी लोग भी वहां पहुंच गए और छात्रों को वहां से निकाला।