फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठंड से एक और साधु की मौत

Thu, 24 Dec 2015 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
सरसाई नगरी सिरसा में पड़ रही कड़ाके की ठंड का सामना करना साधुओं के लिए मुश्किल होता जा रहा है। मंगलवार रात माल गोदाम रोड पद एक साधु की ठंड से मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम व शिनाख्त हेतु सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखा गया है। बुधवार रात तक शव की पहचान नहीं हो सकी। सिरसा में अब तक ठंड से तीन मौतें हो चुकी हैं और तीनों ही तीनों साधु थे। 20 दिसंबर को वाल्मीकि चौक और 15 दिसंबर की रात डिंग रेलवे स्टेशन के पास भी ठंड एक-एक साधु की जान ले चुकी है।
विज्ञापन





    जानकारी के अनुसार कमाल गोदाम रोड पर लोगों ने एक साधु को सुबह मृत हालत में देखा तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सामान्य अस्पताल पहुंचाया। मृतक साधु की आयु करीब 65 वर्ष है। उसके दाए हाथ पर ओम लिखा हुआ है। शव की पहचान के लिए उसे 72 घंटे तक शव गृह में रखा गया है। इससे पहले 20 दिसंबर को वाल्मीकि चौके के आस-पास क्षेत्रों में भोजन मांगकर गुजर बसर करने वाला साधु  मृत हालत में लोगों मिला था। रात को ठंड अधिक होने के चलते बिना गर्म वस्त्र के साधु का शरीर इसे सहन नहीं कर सका और उसकी मौत हो गई। 15 दिसंबर को भी डिंग रेलवे स्टेशन के पास भी एक साधु की ठंड के कारण मौत हो गई थी। शव की पहचान नहीं हो सकी इस कारण जीआरपी ने उसे नगर परिषद को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि शव की पहचान नहीं होने पर अंतिम संस्कार के लिए इसे नप को सौंप दिया जाएगा।

न्यूनतम पारा चार डिग्री तक लुढ़का
लगातार पारा लुढ़कने से जिलेभर में ठंड का कहर बढ़ता ही जा रहा है। 23 दिसंबर को न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस तक आ गया। जबकि 22 दिसंबर को यह 4.5 डिग्री सेल्सियस था। ठंड का असर ऐसा रहा कि सुबह से निकली तेज धूप भी राहत नहीं दे सकी। जैसे-जैसे शाम हो रही थी, गलन बढ़ती जा रही थी। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी हिमपात के कारण मैदानी क्षेत्रों में भी इसका काफी असर दिखने लगा है। आने वाले दिनों में सिरसा का पारा और मनीचे तक पहुंचेगा। बढ़ती ठंड के चलते सरकारी व निजी स्कूलों में कल से अवकाश घोषित हो जाएंगे। बहुत से अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चों को अभी से स्कूल भेजना बंद कर दिया है। बच्चे और वृद्ध सर्दी से बचने के लिए देर सुबह तक घरों में दुबके रहते हैं। ठंड के प्रभाव से बाजार भी अछूते नहीं। बहुत कम लोग बाजारों में खरीददारी के लिए निकल रहे हैं जिससे बाजार में मंदी का दौर शुरू हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें