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बसों को चलाने के लिए चार महीने पहले बुलाए थे 20 कर्मचारी, अब फिर से मांगे अतिरिक्त कर्मचारी

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roadways - फोटो : Sirsa
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हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो में कर्मचारियों के अभाव में बसें बंद खड़ी हैं। बसें बंद होने के कारण लोकल तथा लंबे रूट की बसों के फेरे मिस हो रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण कई गांव तो ऐसे हैं जहां पर बस केवल पूरे दिन में एक ही बार आती है। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए कुछ समय पहले रोडवेज ने कैथल व फरीदाबाद से 20 कर्मचारी बुलाए थे। लेकिन अब फिर से अतिरिक्त कर्मचारी मांगे गए हैं ताकि खड़ी बसों को चालू किया जा सके।
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हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो में कर्मचारी न होने के कारण बीते एक माह से 15 बसें बंद खड़ी हैं। डिपो में बसें बंद खड़ी होने के कारण लोकल तथा लंबे रूट को मिस करना पड़ रहा है। वहीं जिले के कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां पर हरियाणा रोडवेज की बस पूरे दिन में केवल एक ही बार आती है। वहीं पांच गांव के सभी स्कूल, कॉलेज के छात्रों तथा सवारियों को पूरे दिन में एक ही बस लेकर आती है। जिसको लेकर गांव के सरपंचों ने जीएम को पत्र लिखे तथा मिलकर समाधान करने के बारे में चर्चा की, लेकिन बसों की संख्या और नहीं बढ़ाई गई। चौबुर्जा गांव के सरपंच इंद्राज ने बताया कि उनके गांव में केवल एक ही बस आती है, जो पहले से ही पूरी भरी होती है तथा गांव से केवल पढ़ने वाले छात्र ही बस में चढ़ पाते हैं, वहीं सवारियों को तो निजी वाहनों को ही तकना पड़ता है। गांव से सवारी अपने निजी वाहनों से ही शहर तक जा सकती है, लेकिन बसों की कोई सुविधा नहीं है।
चार महीने के लिए डेप्युटेशन पर बुलाए गए हैं चालक व परिचालक
जानकारी के अनुसार बीते सात माह पहले से डिपो में कर्मचारियों की कमी खल रही है। सिरसा डिपो को बाहर अन्य डिपो से कर्मचारियों को चार-चार महीनों के लिए बुलाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार सिरसा डिपो में 175 बसें हैं, जिस पर कुल 350 से अधिक कर्मचारियों की जरूरत है। लेकिन वहीं विभाग के पास कुल अभी तक 235 ही कर्मचारी हैं। इसके अलावा विभाग ने बीते दो माह पहले 20 चालकों परिचालकों को कैथल तथा फरीदाबाद से डेप्युटेशन पर बुलाया था। जो केवल चार माह की डेप्युटेशन पर आए हैं। जिनको अभी दो महीने बीत चुके हैं। वहीं इस समय कर्मचारियों के अभाव में अभी तक सिरसा डिपो में 15 बसें बंद खड़ी है। रोडवेज विभाग ने मुख्यालय से कुछ अतिरिक्त कर्मचारी ओर मांगे हैं। जो कि एक दो सप्ताह में मिलने की उम्मीद है।
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हिसार तथा लोकल रूट बंद का निजी बस चालक उठा रहे फायदा
रोडवेज में कर्मचारियों की कमी के कारण बसें बंद होने पर लंबे रूट दिल्ली तथा चंडीगढ़ के लिए रात को निजी बसें चलती हैं। वहीं लोकल रूटों जैसे सिरसा से ऐलनाबाद, डबवाली, भादरा, नोहर को जाने वाली बसों के फेरे कम हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कर्मचारियों की कमी है तथा बसों की संख्या अधिक है। जिस कारण वह बसों के फेरों की संख्या कम हो गई। फेरे कम लगने के कारण रोडवेज का इसका घाटा उठाना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की कमी से ओवरटाइम सिस्टम बिगड़ा
सरकार ने कुछ समय पहले रोडवेज कर्मचारियों का ओवरटाइम सिस्टम बंद कर दिया था। लेकिन डिपो में कर्मचारी कम होने के कारण रूट पर चल रहे कर्मचारियों को उनके समय से अधिक फेरे लगाने पड़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार एक कर्मचारी का चार दिन लगातार रूट पर चलने के बाद तीन दिन का रेस्ट मिलता है। लेकिन सिरसा डिपो में कर्मचारियों को चलते हुए आठ दिन तक हो जाते हैं, लेकिन उनको समय पर रेस्ट नहीं मिल रहा है। वहीं रोडवेज प्रबंधन बसों का टाइम टेबल ठीक करने में जुटा हुआ है।
डिपो में कर्मचारियों की कमी है और फेरे मिस हो रहे हैं। डेप्युटेशन पर अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए गए हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण ही डिपो में बसें बंद खड़ी हैं।
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-केआर कौशल, रोडवेज विभाग सिरसा डिपो।
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