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Sirsa News: रोडवेज के बस चालक को दो साल की कैद

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सिरसा। हरियाणा रोडवेज के एक बस चालक को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दो साल कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में डिंग थाना पुलिस ने 20 अगस्त 2017 को अभियोग दर्ज किया था। फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी चालक गांव शेखुपुरा, जिला फतेहाबाद निवासी दलीप सिंह ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुनीश नागर से गुहार लगाई कि उसका परिवार पूरी तरह से उसकी नौकरी पर निर्भर है और उसकी आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है।
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इसलिए पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उसकी सजा में नरम रुख अपनाया जाए। पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने दलीप की दलील का विरोध करते हुए न्यायाधीश से सख्त सजा देने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश मुनीश नागर ने कहा कि दोषी के उतावलेपन और लापरवाही भरे कृत्य के कारण एक अनमोल मानव जीवन नष्ट हुआ है। इसलिए दोषी अच्छे आचरण के आधार पर परिवीक्षा पर रिहा किए जाने का हकदार नहीं है।



परिवार सहित डेरा सच्चा सौदा आए थे सोमनाथ


गांव देहर जिला अंबाला निवासी सोमनाथ सात अगस्त 2017 को अपनी पत्नी केला देवी, 11 वर्षीय बेटे अनुज कुमार व भांजी मंजीत कौर के साथ डेरा सच्चा सौदा सिरसा आए थे। 13 अगस्त को वह वापस जाने के लिए सिरसा बस स्टैंड से सिरसा डिपो की रोडवेज की बस में परिवार सहित बैठ गया। 15 मिनट बाद बस मोरीवाला पहुंची। सोमनाथ ने कंडक्टर को बताया कि उनके साथ एक बच्चा भी है। इसके लिए आधा टिकट लेना जरूरी है, लेकिन कंडक्टर पीछे की खिड़की की ओर बढ़ गया।
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बस की खिड़की से गिर गए थे नीचे

सोमनाथ भी बच्चे के आधे टिकट के बारे में पूछताछ करने के लिए पीछे की खिड़की के पास गए। ड्राइवर बस को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। इसी दौरान बस की पिछली खिड़की भी खुली हुई थी। सोमनाथ भी पीछे की खिड़की पर कंडक्टर से टिकटों के बारे में बात कर रहे थे। गांव मोरीवाला पार करने के बाद चालक ने तेज गति और लापरवाही से बस मोड़ी तो सोमनाथ बस की पिछली खिड़की से नीचे गिर गए। इससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने घायल सोमनाथ की भांजी मंजीत कौर का बयान दर्ज कर आरोपी बस चालक दलीप के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। 30 मई 2019 को दुर्घटना में लगी चोटों के कारण सोमनाथ की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज केस में आईपीसी की धारा 304ए जोड़ दी।
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