रोड़ी। गांव रोड़ी में बेसहारा पशुओं की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। खासकर मुख्य बस स्टैंड और कालांवाली रोड पर इन बेसहारा पशुओं का जमावड़ा आम बात बन चुका है। दिनभर ये पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं और जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों में मुंह मारते नजर आते हैं। इस कारण न केवल स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि आए दिन सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
केंद्र और राज्य सरकार भले ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई का संदेश दे रही हों, लेकिन रोड़ी का बस स्टैंड और उसके आस-पास का इलाका इस अभियान को ठेंगा दिखा रहा है। जगह-जगह फैले कूड़े के ढेर और उनमें मुंह मारते बेसहारा पशु इस बात का सबूत हैं कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों को बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं वाहन चालकों को भी सड़क पर अचानक मवेशियों के आने से हादसों का सामना करना पड़ता है। कई बार जानमाल का नुकसान भी हो चुका है। संवाद
फसलों को भी पहुंचाते हैं नुकसान
ग्रामीणों ने बताया कि मंडी सीजन में ये पशु खरीद केंद्र में पड़े धान को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि फसलों की बिजाई के दौरान खेतों में घुसकर फसलें चौपट कर देते हैं। मजबूर होकर किसानों को रातभर फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई करे और बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में ठहराने की व्यवस्था की जाए, ताकि गांव की जनता व राहगीरों को राहत मिल सके।
बस स्टैंड पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। सुबह दुकान खोलने से पहले ही गाय-भैंसें कचरे में मुंह मारती मिलती हैं। कई बार ये पशु सड़क के बीच बैठ जाते हैं, जिससे ग्राहकों को दुकान तक पहुंचने में परेशानी होती है। प्रशासन से बार-बार शिकायत की, पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। - धर्मपाल जिंदल, दुकानदार, रोड़ी।
हमारे इलाके में बेसहारा पशुओं की वजह से दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं। रात में तो स्थिति और भी खतरनाक रहती है क्योंकि अंधेरे में मवेशी सड़क पर दिखते नहीं। कई बार वाहन टकरा चुके हैं। कूड़े के ढेरों में पशुओं के घूमने से गंदगी बढ़ी है। प्रशासन अगर जल्द कार्रवाई न करे तो हालात और बिगड़ेंगे। - बलकौर सिंह, दुकानदार, रोड़ी।
हम किसानों के लिए ये बेसहारा पशु बड़ी मुसीबत बन गए हैं। फसलों में घुसकर पूरा खेत चौपट कर देते हैं। मंडी में रखे धान को भी नुकसान पहुंचाते हैं। मजबूरन हमें रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। सरकार को चाहिए कि जल्द गोशालाओं की व्यवस्था करे ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो। - महिमा सिंह, ग्रामीण, रोड़ी।
गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और उन्हीं में ये बेसहारा पशु दिनभर मुंह मारते रहते हैं। इससे बदबू फैलती है और बीमारी का डर बना रहता है। बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं क्योंकि कई बार पशु अचानक पीछे पड़ जाते हैं। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई कर इन्हें गोशालाओं में भेजना चाहिए। - जसबिंदर सिंह, ग्रामीण, रोड़ी।