पुलिस लाइन से सुबह बच्चों को लेकर रवाना हुए ऑटो रिक्शा को विहार
चौराहे के पास तेज रफ्तार ट्राले ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में ऑटो रिक्शा
में सवार 10 बच्चे और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
खून से लथपथ रोते हुए
बच्चों को लोगों ने शहर के विभिन्न अस्पतालों में दाखिल करवाया। घटना का
पता चलने पर डीसी शरणदीप कौर और एसडीएम परमजीत चहल अस्पताल पहुंचे और
घायलों का हालचाल जाना। सूचना मिलते ही खैरपुर चौकी पुलिस घटनास्थल पर
पहुंची।
बरनाला रोड स्थित पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मचारियों के बच्चे
हिसार रोड स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल में पढ़ते हैं। परिजनों ने बच्चों को
स्कूल जाने-आने के लिए ऑटो रिक्शा बुक कर रखी है।
हर रोज की भांति मंगलवार
सुबह ऑटो रिक्शा पुलिस लाइन पहुंची और नौ बच्चों को बैठाकर सेंट फ्रांसिस
स्कूल के लिए रवाना हुआ। करीब आठ बजे ऑटो रिक्शा मिनी बाईपास पर अजय विहार
के पास चौराहे पर पहुंची, तभी तेज रफ्तार ट्राले ने उसे टक्कर मार दी।
ट्राला चालक फरार
टक्कर के बाद ऑटो रिक्शा बुरी तरफ क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी
बच्चे और चालक घायल हो गए। शोर-शराबा सुन आसपास के लोगों ने ट्राले का पीछा
किया, लेकिन चालक भाग निकला।
आगे लाल बत्ती चौक के पास ट्राला चालक ट्राला
छोड़कर फरार हो गया। घटनास्थल पर आसपास मौजूद लोगों ने घायल बच्चों को ऑटो
रिक्शा से बाहर निकाला।
इसके बाद डेरा सच्चा सौदा की स्कूल बस के चालक ने
घायलों को बस से अस्पताल पहुंचाया। वहीं एक लड़की सपना ऑटो रिक्शा के नीचे
दब गई थी, जिसके सिर में चोट और चेहरे पर कांच के टुकड़े लग गए।
हालत नाजुक
होने के चलते उसको रेफर कर दिया गया।
दुर्घटना की सूचना पुलिस लाइन पहुंची तो हड़कंप मच गया। बच्चों के अभिभावक
सामान्य अस्पताल की ओर रवाना हो गए। उपायुक्त शरणदीप कौर बरोड़ को जब
अधिकारियों से हादसे का पता चला तो वे भी घायल बच्चों की स्थिति जानने के
लिए अस्पताल पहुंच गईं।
उपायुक्त ने डॉक्टरों से घायलों का हालचाल जाना और
उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने देने को कहा। उपायुक्त के आने के
बाद एसडीएम परमजीत चहल भी अस्पताल पहुंचे।
पुलिस कर्मचारियों को लगाई फटकार
घायल बच्चों की स्थिति देखने के बाद अस्पताल में पुलिस कर्मचारियों देखते
हुए एसडीएम परमजीत चहल ने उन्हेें फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि शहर में
यातायात नियमों के उलट ऑटो चलाए जा रहे हैं, जिनमें भेड़-बकरियों की तरह
बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जाता है।
ऐसे ऑटो रिक्शा को जब्त किया जाए
और निर्धारित संख्या के हिसाब से ही ऑटो में सवारियां बैठी मिले, ये
सुनिश्चित किया जाए।
ये बच्चे हुए घायल
दुर्घटना में घायल होने वाले बच्चों में तीसरी कक्षा का यश, रिवनस, चौथी
कक्षा का अंशुल, सातवीं कक्षा के प्रिंस, अंकित, नौवीं कक्षा
की दिव्या, परीक्षा, दसवीं की सपना, मानक सहित दस बच्चे शामिल हैं। इनमें
से सपना की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसे परिजन निजी अस्पताल ले गए।
प्रिंस, यश व अंकित तलवाड़ नर्सिंग होम में और अन्य बच्चे सामान्य अस्पताल
में उपचाराधीन हैं। बच्चों के अलावा ऑटो चालक बल्लू को भी काफी चोटें आई
हैं।
बिना कागज ऑटो होंगे जब्त
ट्रैफिक थाना प्रभारी अनिल सोढ़ी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस कई माह से ऑटो रिक्शा चालकों का चालन कर रही है। मंगलवार को स्वयं उन्होंने सात ऑटो का चालान किया। बुधवार से शहर में एक भी ऑटो बिना कागजों के सड़क पर चलने नहीं दिया जाएगा। जो ऑटो दिखेगा, उसे जब्त कर लिया जाएगा। किसी को भी दूसरों की जान जोखिम डालने का अधिकार नहीं, इसी के चलते ऑटो में निर्धारित सवारियों के अलावा एक भी सवारी दिखी तो ऑटो का चालान होगा।
ट्रैफिक इंचार्ज ने कर्मचारियों को आदेश दिया कि सख्ती से इस पर अमल किया
जाए।