संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वर्ष 2020 में खरीफ की खराब हुई फसल की मुआवजा राशि किसानों को वितरित करने के लिए राजस्व विभाग ने फिर से रिपोर्ट तैयार कर पंचकुला स्थित मुख्यालय भेजी है। इसमें विभाग ने लैप्स हुई 64 करोड़ 91 लाख की मुआवजा राशि वापस मांगी है।
विभाग के पास 2020 खरीफ फसल का करीब 65 करोड़ 52 लाख रुपये मुआवजा आया था। इसमें से नाममात्र मुआवजा राशि ही किसानों को वितरित हो पाई थी। मुख्यालय की ओर से एक स्लाट हटाए जाने के चलते शेष राशि का वितरण नहीं हो पाया।
वर्ष 2020 में खरीफ फसल नरमे को सफेद मक्खी लगने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बाद बारिश के कारण भी किसानों की फसल खराब हो गई। सरकार ने विशेष गिरदावरी करवाने के बाद किसानों को मुआवजा देने के लिए रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद मुआवजा राशि भी राजस्व विभाग के पास भेज दी गई, लेकिन सरकार ने बाद में 34 से 50 के स्लाट को हटा दिया था। इसके कारण करीब 64 करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो गई। इसके बाद किसानों ने मुआवजा राशि जारी करवाने की मांग को लेकर कई बार रोष प्रदर्शन किया। किसान लघु सचिवालय में धरना भी दे चुके है। अभी भी चोपटा क्षेत्र में किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
सफेद मक्खी से 3 लाख एकड़ में खराब हुई थी फसल
जिले में खरीफ फसल में सफेद मक्खी से करीब तीन लाख 33 हजार 758 एकड़ फसल खराब हुई थी। इसका कुल 258 करोड़ रुपये मुआवजा बनता था। सिरसा, कालांवाली, डबवाली ओर गोरीवाला के किसानों की 64 करोड़ 91 लाख की राशि का वितरण नहीं हो पाया। सिरसा ब्लॉक के ही करीब 32 लाख 31 हजार की राशि किसानों को जारी हो पाई थी। शेष राशि मार्च के बाद वापस चली गई।
क्षेत्र, राशि
सिरसा, 94 लाख 48 हजार 083
कालांवाली, 18 करोड़, 20 लाख 55 हजार 133
डबवाली, 28 करोड़, 57 लाख 65 हजार
गोरीवाला, 17 करोड़, 27 लाख 13 हजार 348
वर्जन
सिरसा, कालांवाली, डबवाली और गोरीवाला के किसानों की मुआवजा राशि वापस जाने के बाद अब दोबारा से रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी है। मुख्यालय की ओर से राशि आने के बाद किसानाें को जारी कर दी जाएगी। सरकार की ओर से स्लाट हटाए जाने के कारण इस तरह की परेशानी आई थी। - सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, सिरसा।