ओढां। शादी में मिलने वाले दहेज के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है। ऐसा ही एक उदाहरण गांव बनवाला में देखने को मिला जहां वर पक्ष ने दहेज के रूप में मिलने वाली लाखों रुपये की नकदी को यह कहकर वधू पक्ष को वापस कर दिया कि बेटी से बढ़कर कोई दहेज नहीं है। उनके इस कदम की सभी सराहना की।
गांव सुल्तानपुरिया निवासी कृष्ण डूडी ने अपने बेटे मोहन की शादी गांव बनवाला निवासी धर्मपाल सिहाग की बेटी के साथ रखी थी। शादी के दौरान जब वधू पक्ष ने दान-दहेज के रूप में ढाई लाख रुपये देना चाहे तो दूल्हे के पिता कृष्ण ने थाली से मात्र एक रुपया व नारियल उठाते हुए कहा कि बेटी से बड़ा कोई दान-दहेज नहीं है।
वर पक्ष की इस सराहनीय सोच की सभी ने मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर मौजूद गांव धोतड़ के पूर्व सरपंच विनोद सहारण ने कहा कि सही मायने में बेटी से बढ़कर न तो कोई दान है और न ही कोई दहेज। जिसने अपनी बेटी ही दे दी तो फिर पीछे क्या रह गया। इस मौके पर निक्कू राम खीचड़, भरत सिंह, सुभाष, जगदीश, अमर सिंह, सतपाल, रवि दहिया, सुभाष कुलड़िया, भरत सिंह माचरा, सतपाल डूडी व जगदीश कुलड़िया आदि मौजूद रहे।