सिरसा। जिले में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है लेकिन कुछ नियमित कर्मचारी काम पर लौटने लगे हैं। पालिका रोल और अनुबंध के आधार पर काम करने वाले कर्मचारी ही विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। सिरसा को छोड़कर अन्य पालिकाओं में भी यही स्थिति बनी हुई है। मंगलवार सुबह नोहरिया बाजार में कचरे के ढेर उठाने पहुंची नगर परिषद की टीम को हड़ताली कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
पुलिस बल के साथ पहुंची टीम के सामने कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कचरा उठाने से साफ इन्कार कर दिया। करीब एक घंटे तक चले विरोध के कारण मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट, कार्यकारी अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक और पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत की। हालांकि, इस बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई।
ऐसे में टीम डंपिंग पॉइंट से बिना कचरा उठाए ही दूसरे एरिया में सफाई करने के लिए चली गई। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मनोज अटवाल ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई हुई तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अटवाल ने कहा कि कर्मचारी नोहरिया बाजार से कचरा नहीं उठाने देंगे, भले ही इसके लिए पुलिस को गोली चलानी पड़े।
गलियों और सड़कों पर कचरे का अंबार
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। इसके चलते शहर की गलियों और सड़कों पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर कचरा सड़कों तक फैल गया है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल राहत सिर्फ इतनी है कि बारिश नहीं हुई है। अगर इसी दौरान तेज बारिश हो जाए तो सड़कों और गलियों में जमा कचरा नालियों में जाने के साथ स्थिति और भयावह हो सकती है। यह सवाल बना हुआ है कि शहरवासियों को कब तक कचरे के ढेर के बीच रहने को मजबूर होना पड़ेगा।
कचरे के ढेर में बीमार गाय और आरोप
विरोध के दौरान एक और गंभीर मामला सामने आया। मनोज अटवाल ने आरोप लगाया कि जेसीबी से दोनों तरफ का कचरा एक जगह एकत्रित किया जा रहा था। इसी दौरान कचरे के बीच बैठी एक बीमार गाय को भी नहीं हटाया गया। उसके आसपास ही कचरा इकट्ठा किया जाता रहा। बाद में एंबुलेंस को सूचना देकर गाय को वहां से उठवाया गया। उसे उपचार के लिए भेजा गया। अटवाल ने यह भी कहा कि रानियां और डबवाली में जिन कर्मचारियों के काम पर लौटने की बात कही जा रही है, वे पहले से ही हड़ताल में शामिल नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल और धरना जारी रहेगा।
प्रशासन का अभियान और कर्मचारियों के लौटने का दावा
मुख्य सफाई निरीक्षक जयवीर सिंह ने बताया कि एचएसवीपी सेक्टर, हिसार रोड, बरनाला रोड और बेगू रोड पर डोर-टू-डोर कचरा उठाने का अभियान चलाया गया। इसके अलावा शहर के 11 डंपिंग स्थानों से भी कचरा उठाया गया है। उन्होंने बताया कि नोहरिया बाजार में कचरा उठाने गई टीम का हड़ताली कर्मचारियों ने विरोध किया। वहां कचरे में एक बीमार गाय भी मिली, जिसे हटाकर उपचार के लिए भिजवाया गया। टीम फिलहाल वहां से लौट गई है और जल्द ही दोबारा कचरा उठाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद कर्मचारी काम पर लौटना शुरू हो गए हैं। रानियां और डबवाली में पक्के कर्मचारियों के काम पर लौटने का दावा किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही अन्य कर्मचारी भी काम पर लौट आएंगे।