सिरसा। नशा छोड़ चुके पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सिरसा में पुनर्वास केंद्र की स्थापना होगी। इसमें उनकी योग्यता अनुसार प्रशिक्षण व काउंसिलिंग की सुविधा जल्द उपलब्ध होगी।
अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत ने नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के लिए जल्द कदम उठाए जाएं।
इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर भी पत्र व्यवहार कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं। अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि केमिस्ट की दुकानों पर विशेष चेकिंग की जाए और प्रतिबंधित दवाओं का संपूर्ण ब्यौरा रिकार्ड में भी चेक किया जाए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने नशा मुक्ति केंद्रों पर भी विशेष निगरानी करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में भर्ती पीड़ित का संपूर्ण डाटा रिकाॅर्ड में दर्ज होना चाहिए और जब भी जांच के लिए टीम नशा मुक्ति केंद्र जाए तो वहां पीड़ितों से जरूर मिले। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम अधिक से अधिक किए जाए।
एडीसी ने युवाओं को खेलों से जोड़ने पर बल दिया और कहा कि गांव से लेकर जिला स्तर पर खेल गतिविधियां बढ़ाई जाएं और समय-समय पर खेल मुकाबले करवाए जाएं। अतिरिक्त उपायुक्त ने जेल अधिकारियों से कहा कि इस तरह की कार्यप्रणाली विकसित हो कि जेल से जब कोई लौटे तो वह नशा छोड़ चुका हो और ड्रग फ्री जेल अभियान संचालित किया जाना चाहिए।
इस बैठक में सीएमओ डाॅ. महेंद्र भादू, डीएसपी आदर्शदीप, डीएसपी कपिल अहलावत, उप अधीक्षक जेल मोहन सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड, डिप्टी सीएमओ पंकज शर्मा, डिप्टी डीईओ सुभाष कुमार आदि मौजूद रहे।