सिरसा। तहसीलदारों की हड़ताल के चलते जिले में रजिस्ट्री कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक हड़ताल के कारण प्रतिदिन लगभग 200 रजिस्ट्री अटकी पड़ी हैं, जिससे करीब 15 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है।
पिछले तीन दिन की हड़ताल से 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सोमवार को उपायुक्त शांतनु शर्मा ने आदेश जारी किए थे कि तहसीलदारों की जगह लिंक अधिकारी रजिस्ट्री प्रक्रिया को संचालित करेंगे, लेकिन एसडीएम और डीआरओ खुद छुट्टी पर रहे, जिससे रजिस्ट्री कार्य और अधिक प्रभावित हुआ।
इसके अलावा प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज के लिए भी लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। तहसील में केवल चुनिंदा लोग ही पहुंचे जिन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। ई-दिशा केंद्र और अन्य संबंधित काउंटर भी बंद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सिरसा जिले में ऑनलाइन सिस्टम की रफ्तार बेहद धीमी है।
पहले मैन्युअल रूप से प्रतिदिन लगभग 400 रजिस्ट्री होती थी, जिनमें से सिरसा में करीब 100 रजिस्ट्री होती थीं। अब यह संख्या घटकर 45 तक पहुंच गई है, जिससे अन्य तहसीलों में भी रजिस्ट्री का काम प्रभावित हुआ है। ऑनलाइन प्रणाली में आवेदन से लेकर डाटा जांचने और तारीख देने तक कर्मचारियों को कठिनाई हो रही है। सॉफ्टवेयर अभी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है और अधिकारियों के अनुसार इसे पूरी तरह से दुरुस्त होने में एक साल का वक्त लग सकता है।