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प्रशासन ने धरने की अनुमति देने से किया इनकार, धरने पर बैठने को अडिग हुए जाट

Sat, 28 Jan 2017 01:49 AM IST
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
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जाट समुदाय सिरसा में उपायुक्त कार्यालय समक्ष धरने पर बैठने को लेकर अडिग हो चुका है। शुक्रवार दोपहर सर्व जाट संघ सिरसा के बैनर तले जाट समुदाय के सैकड़ों लोग प्रशासन से धरने की अनुमति लेने उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ कार्यालय से गाड़ी में सवार होकर चली गईं। इसके बाद समुदाय के लोग नगराधीश वेद बैनीवाल से मिले और उपायुक्त कार्यालय समक्ष धरने की अनुमति देने का अनुरोध किया। नगराधीश ने अनुमति देने से साफ इंकार दिया।

सर्व जाट संघ सिरसा के अध्यक्ष विकल पचार का कहना है कि नगराधीश वेद बैनीवाल ने उन्हेें कहा कि प्रशासन को धरने की अनुमति देने की पावर नहीं है इसलिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देना पड़ेगा। इसके बाद सर्व जाट संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नगराधीश को सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग की गई है कि 29 जनवरी से उपायुक्त कार्यालय समक्ष जाट समुदाय को धरने पर बैठने की अनुमति दी जाए। धरना प्रतिदिन सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक दिया जाएगा।
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मांगपत्र में मुख्यमंत्री से जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान निर्दोषों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई है। नगराधीश ने विश्वास दिलाया है कि ये ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुुंचा दिया जाएगा। सर्व जाट संघ सिरसा के अध्यक्ष विकल पचार का कहना है कि जिस प्रकार प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया दिखाई दे रहा है उसे देखते हुए लगता है धरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उपायुक्त कार्यालय समक्ष जाट समुदाय हर हाल में धरना देगा, सरकार अनुमति दे या नहीं। अपने हक के लिए ये लड़ाई शांतिपूर्वक लड़ी जाएगी। प्रशासन बल का प्रयोग करेगा तो उसका जवाब वैसे ही दिया जाएगा। ये लड़ाई हक की है, भीख नहीं मांग रहे। 29 जनवरी से पहले सरकार जाट समुदाय की मांगे पूरी कर देते है तो धरना नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर धर्मवीर गोदारा, कृष्ण ढ़ाका, शीशपाल झोरड़ सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

बैठक में आंदोलन की रूपरेखा तैयार
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने से पूर्व जाट समुदाय की बैठक जाट धर्मशाला में हुई। इस अवसर पर आंदोलन को लेकर रूप रेखा तैयार की गई। बैठक को संबोधित करते हुए विकल पचार ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय समक्ष 29 जनवरी से शुरू होने वाले धरने में अधिक से अधिक समुदाय के युवा शामिल हों इसके लिए सोशल साइट पर ज्यादा से ज्यादा संदेश भेजे। जिनती ज्यादा संख्या होगी सरकार पर उतना ही दबाव पड़ेगा। सरकार ने निर्दोष जाट युवाओं पर झूठे मुकदमें दर्ज करवा दिए। आंदोलन के दौरान सिरसा पुलिस प्रशासन ने विभिन्न पुलिस थानों में 88 नामजद व 500 अज्ञात जाट युवाओं के खिलाफ केस दर्ज किए जबकि सिरसा में जाटों ने शांति पूर्वक आंदोलन किया था। बीजेपी सरकार जाट युवाओं के भविष्य को अंधकार में डूबोना चाहती है। इसलिए जिलेभर से हजारों जाट समुदाय के लोग धरने पर बैठेंगे। जाट आंदोलन को लेकर जाट धर्मशाला को केंद्र बिंदू बनाया गया है।
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पुलिस प्रशासन ने कसी कमर
29 जनवरी को फिर से शुरू होने जा रहे जाट आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त रूख अपनाएगा। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों को शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। पुलिस लाइन में शरारती तत्वों से निपटने के लिए पुलिस कर्मचारी अभ्यास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को साफ बोल गया है कि कोई कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करे तो कड़ा जवाब दिया जाए।
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