संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी युवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार करार देते हुए 20 साल की कैद व 90 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माना राशि में से 70 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
पुलिस को दिए बयान में रानियां थाना क्षेत्र निवासी किशोरी के पिता ने बताया था कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। उनकी 13 वर्ष की बेटी है, जोकि सरकारी स्कूल में कक्षा 7वीं में पढ़ती है। पिता ने पुलिस को बताया था कि 29 दिसंबर 2020 को सुबह वह अपने काम पर चला गया। दोपहर को लौटा तो उनकी बेटी घर पर मौजूद नहीं थी।
इसके बाद उसने तलाश की तो पता चला कि रवि नामक युवक उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर भगा ले गया है। इसके बाद रानियां थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 21 जनवरी 2021 को पीड़ित किशोरी को रवि के चंगुल से छुड़वा लिया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के कोर्ट समक्ष कलमबद्ध बयान दर्ज कराए।
पुलिस ने पीड़िता की सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल जांच कराई तो उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रवि को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
जज ने कहा-दोषी नरमी का हकदार नहीं,कठोर दंड देना जरूरी
दोषी रवि ने न्यायाधीश प्रवीण कुमार से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई। इसके जवाब में सरकारी वकील ने न्यायाधीश से दोषी को सख्त से सख्त सजा देने का अनुरोध किया। इसके बाद न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी किसी भी रूप में नरमी का हकदार नहीं, जिस प्रकार का जघन्य कृत किया गया है, उसके लिए कठोर दंड देना अति आवश्यक है, ताकि समाज में इस प्रकार का जघन्य अपराध करने की किसी की हिम्मत न हो। इसलिए दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई जाती है।
पुलिस ने करवाया था डीएनए टेस्ट
आरोपी की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद पीड़िता की मेडिकल जांच हुई तो वह गर्भवती पाई गई। इसके बाद पुलिस ने डीएनए टेस्ट करवाया तो भ्रूण का डीएनए प्रोफाइल रवि के रक्त के नमूने से मेल खाया। 15 नवंबर 2022 को आरोपी रवि ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने न्यायाधीश को बताया कि पीड़िता का गंभीर यौन उत्पीड़न किया गया है। इसके बाद न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।