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Sirsa News: डीसी ने गांव रंधावा का सरपंच सुभाष सिंह को किया निलंबित

Thu, 27 Aug 2026 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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चोपटा। सरपंच सुभाष ​निर्बाण। 
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आंबेडकर आवास योजना में अनियमितताएं मिलने पर की कार्रवाई
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मकान निर्माण का पैसा अपने खाते में ट्रांसफर सहित अन्य आरोप
फोटो - 16
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। जिले के खंड नाथूसरी चोपटा के गांव रंधावा में में डॉ. भीमराव आंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना में हुई गंभीर अनियमितताओं के मामले में उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने ग्राम पंचायत रंधावा के सरपंच सुभाष सिंह निर्बाण को पद से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम-1994 की धारा 51 के तहत की गई है।
जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत गांव के ही कुछ लोगों की शिकायत से हुई थी। लोगों ने आरोप लगाया गया था कि योजना के तहत लाभार्थियों को मिली अनुदान राशि सरपंच द्वारा हड़प ली गई।
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जांच में सामने आया कि गांव निवासी सीमा कंवर पत्नी सुनील सिंह और धर्मो देवी पत्नी मदन सिंह को मकान मरम्मत हेतु 80-80 हजार रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत हुई थी। दोनों महिलाओं ने अपने बयान में कहा कि यह राशि खाते में आने के अगले ही दिन सरपंच सुभाष सिंह के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मिट्टी गिरवाने के बहाने लाभार्थियों से कुल 1 लाख 60 हजार रुपये नकद वसूले गए।
जिला कल्याण अधिकारी सिरसा की कमेटी की जांच रिपोर्ट में बिंदु संख्या 1 और 12 के तहत आरोपों की प्रथमदृष्टया पुष्टि हुई। इसके आधार पर उपायुक्त कार्यालय ने 15 जुलाई 2026 को सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा था।
जवाब में सरपंच सुभाष सिंह ने 23 जुलाई को खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि यह शिकायत उनके चुनावी विरोधी गुट की साजिश है, जो 2022 के पंचायत चुनाव में हार के बाद बदले की भावना से रची गई। उन्होंने यह भी कहा कि लाभार्थियों ने विभाग को लिखित बयान देकर उन्हें क्लीन चिट दी थी और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से इन्कार किया था।
वहीं, जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि जिस मकान की मरम्मत का दावा किया गया, वहां वास्तव में केवल एक ही कमरा बना हुआ था। पूरी राशि महज एक दिन के भीतर सरपंच के खाते में स्थानांतरित हो गई थी।
इन्हीं तथ्यों से योजना के दुरुपयोग की आशंका को और मजबूती मिली। शिकायतकर्ताओं ने बाद में आरटीआई के जरिये भी दस्तावेज हासिल कर मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।
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अब 25 अगस्त 2026 को उपायुक्त कार्यालय ने सख्ती दिखाते हुए सरपंच सुभाष सिंह निर्बाण को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिए। । इस कार्रवाई से पूरे इलाके में खलबली मच गई है। ग्रामीणों के बीच इसकी चर्चा जोरों पर है। मामले में आगे की जांच भी जारी है।
कोट्स
मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। इस मामले में एक माह का वक्त है। आगे अपील करेंगे।
-सुभाष सिंह, सरपंच, गांव निर्बाण।
कोट्स
मैं किसी काम से बाहर आया हूं। मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। कार्यालय में जाकर मेल जांचने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
-डॉ. स्टालीन सार्थक सचदेवा, बीडीपीओ।
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