सिरसा। जिलेभर के प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की प्रतिभा निखारने और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने के लिए बाल रामलीला का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों ने विद्यालय स्तर पर रिहर्सल शुरू कर दी है।
जिले के 524 प्राइमरी स्कूलों में बाल रामलीला का मंचन होगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल में अलग-अलग भूमिकाओं का चयन कर बच्चों को छोटे-छोटे संवाद याद करवाए जा रहे हैं। राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण जैसे पात्रों की भूमिकाएं निभाने के लिए बच्चे उत्साहपूर्वक अभ्यास कर रहे हैं।
रामलीला के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षक बच्चों को संवाद-अभिनय के साथ-साथ मंच अनुशासन का भी प्रशिक्षण दे रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चों को पारंपरिक वेशभूषा और सरल मंच सज्जा से भी परिचित कराया जा रहा है।
रिहर्सल के दौरान विद्यार्थियों को छोटे संवाद करने होंगे याद
रामलीला की तैयारी के लिए बच्चों को छोटे-छोटे संवाद याद करवाए जा रहे हैं। संवादों को सहज और सरल रखा गया है। ताकि, बच्चे आत्मविश्वास के साथ मंच पर बोल सकें।
शिक्षकों की लगाई गई ड्यूटी
रामलीला के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षक बच्चों को संवाद बोलने की कला, अभिनय और मंच अनुशासन का अभ्यास करवा रहे हैं।
अभिभावक और समुदाय की भागीदारी
अधिकतर जगह माता-पिता बच्चों की पोशाक, छोटी-मोटी सजावट और प्रॉप्स (नाट्य सामग्री) तैयार करने में सहयोग कर रहे हैं। कुछ स्कूलों में स्थानीय स्वयंसेवक या पूर्व छात्र भी मंच सज्जा और अभ्यास में मदद कर रहे हैं। इससे कम लागत में आयोजन होगा।
जिले के राजकीय प्राइमरी विद्यालयों में रामलीला की रिहर्सल शुरू हो गई है। इसमें प्राइमरी के विद्यार्थी अभ्यास कर रहे हैं। जिले के 524 प्राइमरी स्कूलों में रामलीला का आयोजन किया जाएगा।
- डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन सिरसा।