सिरसा। अतिथि अध्यापकों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। रविवार को पटवार भवन में हुए जिलास्तरीय सम्मेलन में घोषणा की गई कि 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय रैली में जिले से हजारों कर्मचारी भाग लेंगे।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान मदन लाल खोथ ने बताया कि इसमें जिले के सात ब्लॉकों के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने सरकार से 2014 की नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।
राज्य महासचिव कृष्ण नैन ने केंद्र और राज्य सरकारों पर कर्मचारी, किसान और मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं के निजीकरण और ठेकेदारीकरण से रोजगार की सुरक्षा और पेंशन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बिजली संशोधन विधेयक-2025 पर जताई चिंता :
कर्मचारी नेताओं ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए पात्र कच्चे कर्मचारियों और अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग दोहराई। उन्होंने बिजली संशोधन विधेयक-2025 पर चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की कि इससे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा मिल सकता है। सम्मेलन में जिला सचिव रमेश सैनी सहित विभिन्न विभागों और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।