सिरसा में अनाज मंडी में बारिश से भीगी बोरियों में भरी धान की फसल।
सिरसा। जिले में रविवार शाम से शुरू हुई बारिश सोमवार दोपहर 12 बजे तक चली। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान, बाजरा और कपास की फसलों में देखने को मिल रहा है। वहीं मंडी में किसानों का बोरियाें में भरा हुआ करीब 500 क्विंटल धान भीग जाने से किसान परेशान हैं।
बारिश से अव्यवस्था का माहौल बन गया। उपायुक्त कार्यालय से लेकर ग्रामीण एरिया में लोगों को बिजली कटों का सामना करना पड़ा। सरकारी कार्यालयों में जनरेटर के सहारे कार्य हुआ। दोपहर तीन बजे बाद बिजली व्यवस्था सुचारू हो पाई। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीण एरिया में बारिश के कारण 18 घंटे तक बिजली बाधित रही। कहीं बिजली के पोल गिर गए तो कहीं पेड़ टूट गए।
सोमवार दोपहर के बाद मौसम खुल गया और धूप निकल गई। धूप निकलने का परिणाम रहा है कि 11 मंडियों में 1539 टोकन काटे गए। 7,977.60 मीट्रिक टन धान की आवक हुई। वहीं, सिरसा से चौपटा मार्ग पर गांव दड़बा कलां के समीप करीबन दो किलोमीटर के सेम के एरिया में फिर से पानी भर गया। इस रोड पर दस दिन पहले से ही पानी कम हुआ था। अब पानी के भराव से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। कई वाहन चालक लुदेसर और रूपाना से चौपटा व माखोसरानी से चौपटा व सिरसा होकर जाएंगे।
आधे शहर की बिजली हुई बाधित : रविवार देर शाम से ही बरनाला रोड और हिसार रोड पर बिजली व्यवस्था बाधित हुई। बस स्टैंड स्थित 33 केवीए सब स्टेशन की जहां सीटी में खराब आई। वहीं, बिजली के तार भी हिसार रोड पर टूट गए। इनको धूप निकलने के बाद दोपहर को दुरुस्त किया गया। शहर के इस आधे एरिया में दोपहर तीन बजे के बाद बिजली सप्लाई सुचारु हुई। लघु सचिवालय में बिजली सप्लाई नहीं होने के कारण इन्वर्टर व जनरेटर से काम चलाया गया। ई दिशा भी जनरेटर की बिजली से चली। आमजन का कम प्रभावित न हो, इसको लेकर व्यापक व्यवस्था की गई थी।