डिंग मंडी। गांव डिंग में बुनियादी सुविधाओं का टोटा ग्रामीणों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। वर्षों से अधूरे पड़े विकास कार्य अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित कर रहे हैं। पंचायत की लगातार गुहार और प्रशासन की बेरुखी के चलते ग्रामीणों में गहरा असंतोष पनप रहा है। गांव की सबसे बड़ी समस्या रेलवे अंडरब्रिज की है, जो बारिश में तालाब बन जाता है।
नतीजतन राहगीरों, स्कूली बच्चों और यहां तक कि एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिलता। सरपंच प्रतिनिधि दरिया सिंह पचार बताते हैं कि अंडरब्रिज में गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जो हादसों को न्यौता देते हैं। कई बार वाहन पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
केवल अंडरब्रिज ही नहीं, गांव से गुजरने वाली मुख्य सड़क की हालत भी बद से बदतर हो चुकी है। टूटी-फूटी सड़क से भारी वाहन गुजरना दूभर हो गया है, जिससे मंडी तक आवक-जावक पर असर पड़ रहा है।
उप तहसील, आईटीआई, कॉलेज और पंचायत घर की मांग अधूरी
डिंग पंचायत ने सरकार से उप तहसील का दर्जा देने, आईटीआई की स्थापना और लड़कियों के लिए कॉलेज निर्माण की मांग वर्षों पहले रखी थी, जो अब तक फाइलों में ही दबी पड़ी है। पंचायत घर के अभाव में प्रशासनिक बैठकें और जन सुनवाई खुले में करनी पड़ती है। राजकीय कन्या स्कूल को सीनियर सेकेंडरी में अपग्रेड करने की मांग भी वर्षों से लंबित है। ग्रामीणों का कहना है कि दसवीं के बाद बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बार उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक जाती है।
सरकार को चेतावनी, नहीं तो आंदोलन
पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो गांववासी जन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। सरपंच प्रतिनिधि दरिया सिंह पचार ने कहा कि सरकार को गांव की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। ये केवल एक पंचायत की बातें नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास से जुड़ा सवाल है।