स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमार अभियान के तहत मंगलवार को झोलाछाप चिकित्सकों की दुकानों का निरीक्षण किया। जिससे झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया और दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए। टीम की ओर से चार के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है।
अभियान का नेतृत्व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी कर रहे थे। उनके साथ जिला ड्रग नियंत्रक संदीप गहलान, रानियां के एसएमओ डॉ. नरेश सहारण उपस्थित थे। इस अभियान से चिकित्सकों में हड़कंप मच गया और झोलाछाप अपनी दुकानों के शटर बंद कर फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बंद दुकानों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई। टीम ने पहले संतनगर में दो दुकानों पर छापामारी की और वहां से दवा बरामद की। टीम ने उसके बाद रानियां में अभियान चलाया, चिकित्सकों के पास प्रेक्टिस के कोई कागज नहीं मिले और वहां से भारी मात्रा में नशे की दवाइयां बरामद की। टीम ने अभी रानियां में दो चिकित्सकों की दुकानों का निरीक्षण किया था कि बाकी दुकानदार दुकानें बंद कर फरार हो गए। विभाग की टीम ने कुल चार चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज करवाए हैं।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी ने कहा कि झोलाछाप के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत की गई थी, जिस पर विभाग ने छापामार अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि जिस चिकित्सक की दुकान कार्रवाई के दौरान बंद मिली हैं, उनकी फोटोग्राफी करवाई गई है और बाद में उनके खिलाफ भी केस दर्ज करवाया जाएगा।