सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने एक बार फिर सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए। हालांकि, पिछले सप्ताह ही औलख के लगाए गए आरोपों की जांच करने के लिए विभाग के विजिलेंस अधिकारी पहुंचे थे और उन्होंने निर्माण कार्य के सैंपल लिए थे।
वहीं, रविवार को एक बार फिर उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के कई सालों के संघर्ष के बाद पिछले साल हिसार घग्गर ड्रेन के फ्लडी पानी की निकासी के लिए साईफन का निर्माण किया गया था। नहरी विभाग के अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते कुछ ही दिनों में साइफन की पाइप टूट गई थी, जिसकी आज तक भी मरम्मत नहीं किया गया है।
इसकी वजह से शेरांवाली पैरेलल (फ्लडी कैनाल), एसजीसी व कुत्ताबढ़ तीन नहरों में पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। औलख ने कहा कि आज इस मुद्दे पर नहरी विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार से बातचीत हुई तो इस पर सभी के अलग-अलग जवाब थे। ठेकेदार ने कहा कि पाइपें नहीं मिल रही थी, अब हिमाचल से मंगवाई हैं। आते ही काम पूरा कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग के एसई व एक्सईएन से बात हुई तो वह एक दूसरे के जिम्मे में डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ओटू हेड के गेट ठीक करवाने के नाम पर हर साल बिल बनाए जाते हैं, लेकिन गेटों के हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। इस बार भी समय रहते गेटों की मरम्मत नहीं की गई है।
हेड के गेटों से घग्गर नदी के पानी के बहाव से कटाई को रोकने के लिए पुल के आगे सीमेंट की बुर्जियां बनी हुई थी, जिन्हें उखाड़ कर दोबारा लगाने के नाम पर करोड़ों रुपये का टेंडर हुआ है। इस टेंडर में भ्रष्टाचार करने में नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी कर्मचारी शामिल हैं। सरकार से मांग है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
औलख ने नहरी विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर-अंदर हिसार घग्गर ड्रेन पर बने साइफन की मरम्मत नहीं की जाती है तो मजबूरन उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा। इस दौरान बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली सहित अन्य टीम सदस्य उपस्थित रहे।