गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में बैठक के दौरान पराली प्रबंधन की समस्याओं पर चर्चा करते सिरसा बेलर एस
सिरसा बेलर संगठन का बड़ा फैसला, 240 से कम भाव पर फैक्टरियों को पराली नहीं देंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पराली प्रबंधन की दिक्कतों और फैक्टरी संचालकों की मनमानी को लेकर सिरसा बेलर एसोसिएशन की बैठक सोमवार को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में हुई। बेलर संचालकों ने पराली के कम भाव, भुगतान में देरी और नमी कटौती पर रोष जताया। उन्होंने प्रशासन पर भी समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
बैठक में निर्णय हुआ कि मांगों पर ध्यान न देने पर आगामी पराली सीजन में जिले में काम बंद कर दिया जाएगा। बेलर संचालकों ने चेतावनी दी कि पराली हरियाणा के बजाय पड़ोसी राज्यों की फैक्ट्रियों को भेजी जा सकती है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी मालिक किस्तों में भुगतान करते हैं जिससे नकदी संकट बना रहता है।
बाजार में पराली गांठों का निश्चित भाव न होने से फैक्टरी मालिक मनमाने दाम तय करते हैं। बेलर संचालकों ने सरकार से पराली गांठों का न्यूनतम भाव 240 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने नमी की मात्रा के लिए स्पष्ट मानक तय करने की भी मांग की।
अनुदान और भुगतान की मांग
बेलर संचालकों ने मशीनों की बढ़ी कीमतों के अनुसार अनुदान राशि में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान अनुदान पुराने मूल्य पर आधारित है। उन्होंने यह भी मांग रखी कि फैक्टरी में पराली जमा करवाते ही पूरा भुगतान किया जाए। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान न होने पर स्थानीय स्तर पर पराली प्रबंधन मुश्किल होगा।