विदेश में रहने वाले सिरसा के एक आढ़ती से कुछ लोगों ने साजिश रचकर एक करोड़ 70 लाख रुपये ठग लिए। धोखाधड़ी के शिकार आढ़ती ने जब उक्त लोगाें से अपने रुपये मांगे तो बदले में बदमाशों को सुपारी देकर पूरे परिवार को जान से मरवाने की धमकी मिली। प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई बीच में छुड़वाकर पीड़ित एनआरआई ने बच्चों और पत्नी को स्वीडन भेज दिया और शहर थाना पुलिस को शिकायत देकर धोखाधड़ी के तमाम सबूत पेश किए। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ठगी करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार नई अनाज मंडी दुकान नंबर 146 निवासी दिनेश कुमार को वर्ष 2001 में स्वीडन देश की नागरिकता मिल गई थी। साल 2012 के बाद दिनेश भारत में रहकर नई अनाज मंडी में आढ़त का काम कर रहा है। वर्ष 2015 में दिनेश कुमार ने हुडा सेक्टर 20 में प्लॉट लिया था ताकि स्वीडन से बच्चे और पत्नी को भारत बुलाकर हुडा में मकान बनाकर रह सके। दिनेश ने मकान बनाना शुरू किया तो उसकी मुलाकात अपने पड़ोसी रविंद्र सिंह चौहान से हुई। दोनों के बीच अच्छा व्यवहार हो गया। इसी के बीच दिनेश की जमीन सरकार ने अधिग्रहण की जिसकी एवज में उसे एक करोड़ 65 लाख रुपये मिले। रविंद्र चौहान ने दिनेश से रकम हड़पने की साजिश रची। उसने दिनेश को कहा कि ये राशि सही जगह लगाना जरूरी है, दिनेश ने उसे कहा कि वे स्वीडन में ज्यादा रहा है इसलिए भारत में पैसे कहां इनवेस्ट करे उसका ज्यादा ज्ञान उसे नहीं है।
रविंद्र चौहान ने उसे कहा कि परवाह मत करो, मेरा साला हर्ष प्रताप प्रोपर्टी का बिजनेस करता है। बहुत अच्छी डील करवाकर सारा रुपया इनवेस्ट करवा देगा।
रविंद्र चौहान के कहने पर दिनेश हर्ष प्रताप सिंह से मिलने जयपुर चला गया। वहां हर्ष प्रताप ने उसे सालीग्राम पुरा तहसील सांगानेर जिला जयपुर में एक प्लॉट दिखाया। विरेंद्र और हर्ष ने उसे कहा कि प्लॉट के असली कागजात लेकर डील सिरसा में ही कर लेंगे। फिर कुछ दिन बाद रविंद्र और हर्ष ने अलोक कुमार नाम से एक व्यक्ति को उसे मिलवाया। उक्त लोगों ने बताया कि अलोक उस प्लॉट का मालिक है। उक्त सभी ने प्लॉट के असल कागजात व नक्शा दिखाकर साई के तौर 15 लाख रुपये दिनेश से लिए। हर्ष प्रताप सिंह ने दिनेश कुमार को बताया कि इस प्लॉट में उसके पिता महेंद्र सिंह की भी हिस्सेदारी है। इसलिए पेमेंट महेंद्र सिंह के नाम से की जाए। इसके बाद दिनेश ने बाकि बची सारी रकम एक करोड़ 70 लाख रुपये बैंक के माध्यम से कर दी। रुपये देने के बाद दिनेश ने रविंद्र चौहान, हर्ष प्रताप सिंह व महेंद्र निवासी जगतपुरा फायरिंग रेंज, जयपुर को प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने को कहा, लेकिन उक्त लोग रजिस्ट्री करवाने में आनाकानी करने लगे। समय बीतने के साथ एनआरआई दिनेश को अहसास हो गया कि उक्त लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। जिस अलोक कुमार को प्लाट का मालिक बताया गया था, वो भी फर्जी निकला।
परिवार को जान से मारने की दी धमकी
करोड़ों की ठगी का शिकार एनआरआई दिनेश कुमार रविंद्र सिंह चौहान के पास गया और अपने रुपये वापस मांगे। जवाब में रविंद्र सिंह चौहान और हर्ष प्रताप सिंह ने उसे धमकी दी कि आजकल दो लाख रुपये में सुपारी उठाने वाले तैयार हैं, तेरे परिवार की सुपारी देकर मरवा देंगे। उक्त लोगों ने उसे कहा कि हमने तो तेरे से ठगी मारनी थी, सो मार ली। धमकी के डर से दिनेश डर गया और सिरसा के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे अपने बच्चों को स्कूल से हटवा लिया। इसके बाद दिनेश ने बच्चों को पत्नी के साथ स्वीडन भेज दिया। परिवार को विदेश भेजने के उपरांत दिनेश ने शहर थाने में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ शिकायत दी। दिनेश ने मोबाइल रिकॉडिंग सहित कई सबूत भी पुलिस को सौंपे।
जल्द होगी गिरफ्तारी
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी रविंद्र सिंह चौहान निवासी हुडा 425, हर्ष प्रताप सिंह उसका पिता महेंद्र सिंह निवासी जगतपुरा फायरिंग रेंज, जयपुर व एक अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश रचने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। उक्त तीनों ने मिलकर एनआरआई दिनेश कुमार के साथ एक करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी की है। मामले की जांच जेजे पुलिस चौकी प्रभारी सुभाष कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-सुरजीत सहारण, जिला पुलिस प्रवक्ता, सिरसा।