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लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के साथ प्राध्यापकों को काम करने के मिलेंगे विकल्प

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सिरसा। नेशनल कॉलेज की ओर से ऑनलाइन शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए गूगल से निशुल्क वर्क स्पेस लिया है। गूगल वर्क स्पेस मिलने से अब कॉलेज का पूरा स्टाफ एक ही प्लेटफार्म पर काम कर सकेगा और साथ ही ई- कक्षाओं का संचालन भी कर सकेंगे, यह पूरी तरह से निशुल्क रहेगा।
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कॉलेज प्राचार्य संदीप ने बताया कि पहले कॉलेज केवल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के प्रयोग के लिए ही 2 लाख 90 हजार रुपये का वार्षिक भुगतान करता है। उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेज विद्यार्थियों की ऑनलाइन शिक्षा के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। ऑनलाइन कक्षाओं व स्टाफ बैठकों के लिए कॉलेज अपने स्तर पर ऑनलाइन एप के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क करते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए नेशनल कॉलेज के प्राचार्य के बेटे यशस्वी ने गूगल मुख्यालय से बात कर कॉलेज के लिए गूगल वर्क स्पेस का प्रस्ताव पास करवा लिया। अब कॉलेज के डोनेम के साथ गूगल वर्क स्पेस में काम करने के लिए अनलिमिड स्टोरेज होगी, जिसमें विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से लेकर ऑनलाइन मीटिंग तक का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। कॉलेज प्रशासन की ओर से गूगल वर्क स्पेस में काम करने के लिए कॉलेज के 116 प्राध्यापकों के साथ 20 कर्मचारियों के लिए कॉलेज के डोमेन से आईडी जनरेट भी कर दी है।
यशस्वी ने बताया कि कोविड-19 के कारण गूगल शैक्षिक संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षा गूगल वर्क स्पेस का निशुल्क विकल्प खोला था। ऐसे में विकल्प के साथ जाते हुए गूगल मुख्यालय को कॉलेज की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई और मुख्यालय द्वारा कॉलेज को गूगल वर्क स्पेस का निशुल्क प्रयोग करने को लेकर प्रस्ताव पास कर दिया गया। अब ऑनलाइन कामों के लिए कॉलेज के पास खुद का गूगल वर्क स्पेस होगा।
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पद बदलने के साथ ही नए नियुक्ति को मिलेगा सारा रिकॉर्ड
कॉलेज डोमेन से प्राध्यापकों व दफ्तर कर्मचारियों की आईडी जनरेट होगी। साथ ही कॉलेज के मुख्य पदों पर नियुक्त प्राध्यापकों की अलग से आईडी होगी। अधिकारिक तौर पर काम करते हुए जितना भी डाटा होगा वह गूगल ड्राइव पर स्टोर होगा। अगर पद अधिकारी का चार्ज किसी ओर के पास जाता है तो उससे संबंधित डोमेन नेम के साथ सारा कंट्रोल नए नियुक्ति के पास चला जाएगा।
लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के इलावा यह रहेंगे विकल्प
प्राचार्य संदीप गोयल ने बताया कि गूगल वर्क स्पेस मिलने से पाठ्यक्रम सामग्री व ऑनलाइन कक्षाओं के विकल्प साथ कॉलेज स्टॉफ के लिए कई अन्य विकल्प भी प्रयोग करने के लिए होंगे। हम यह मान सकते हैं कि लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम गूगल वर्क स्पेस का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही है। एक ही कक्षा के विद्यार्थियों की एक साथ कक्षा लेने के लिए लाइव क्लास रूम साथ ही रिकॉर्डिंग का विकल्प रहेगा। ऑनलाइन मीट व चेट का विकल्प रहेगा। जेमबोर्ड, स्लाइड, शीट, ड्राइव और फोर्म का विकल्प रहेगा। विद्यार्थियों के लिए क्लास रूम व असाइनमेंट का विकल्प उपलब्ध है।
गूगल वर्क स्पेस आने से कई विकल्प खुल गए हैं। अब विद्यार्थियों के साथ-साथ प्राध्यापक भी एक ही प्लेटफार्म का प्रयोग कर सकेंगे। लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के साथ-साथ कॉलेज की ओर से विद्यार्थियों के लिए यह प्लेटफार्म भी उपलब्ध रहेगा। - संदीप गोयल, प्राचार्य, नेशनल कॉलेज
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