गांव के 150 परिवार 500 रुपये प्रति टैंकर खरीद रहे पानी
सूचना मिलने के बाद भी विभागीय अधिकारी गहरी नींद में सोए
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संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। गांव ढुड़ियांवाली के जलघर में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद साथ लगते गांव पत्तिराठावास के करीब 150 परिवार पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट झेल रहे हैं। पाइपलाइन का लेवल सही न होने और अलग बाल की व्यवस्था में होने के चलते इन घरों में एक बूंद भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इतना ही नहीं, एक साल से जलघर की खराब पड़ी मोटर को दुरुस्त नहीं किया गया है। इसी का परिणाम है कि ग्रामीणों को 500 रुपये प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदने को विवश होना पड़ रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ग्राम पंचायत और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण राजवीर, सुल्तान, राम सिंह, अजय, ओमप्रकाश राठौर, कालूराम, रामगोपाल, माया, रमना, सुनीता, चावली और रोशनी ने बताया कि एक ही पाइपलाइन से पूरे मोहल्ले में पानी की आपूर्ति होती है।
उनका कहना है कि लंबी पाइपलाइन और लेवल सही में होने के चलते पिछले एक साल से उनके घरों में पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों ने बीते 6 महीने पहले भी जल आपूर्ति न होने तथा खराब मोटर को सही करने के संबंध में धरना व प्रदर्शन किया था लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ।
इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि विनोद कंबोज ने बताया कि विभाग को कई बार मोटर ठीक कराने के लिए लिखा और अधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करेंगे।
यह है मामला
गांव पत्तिराठावास ढुड़ियांवाली जलघर के अधीन आता है और जल घर से महज आधा किलोमीटर दूरी पर बसा हुआ है। पत्तिराठावास के करीब 150 घरों की आपूर्ति एक ही पाइपलाइन से की जाती है जिसका लेवल सही नहीं है। इस कारण आपूर्ति छोड़ने के बाद भी घरों में पानी नहीं पहुंचता और लोग 500 रुपये प्रति टैंकर पानी खरीदने के लिए मजबूर हैं। जलघर की खराब पड़ी मोटर को ठीक करवाने के लिए पंचायत की ओर से कई शिकायतों के बाद भी विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की मांग है कि विभाग उनके मोहल्ले में पाइपलाइन का लेवल सही करे और दूसरा बाल लगाए। जल घर की खराब पड़ी मोटर खराब को तुरंत बदलकर जलापूर्ति बहाल की जाए। गांव की पेयजल संबंधी जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और गांव के प्रत्येक घर में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।