सिरसा राजकीय नेशनल महाविद्यालय के भूगोल विभाग की भूगोल विषय परिषद की ओर से वीरवार को ‘भारत की ऊर्जा आवश्यकताएं एवं भविष्य की जरूरतें’ विषय पर एक दिवसीय भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।
इसमें विद्यार्थियों ने देश की बढ़ती ऊर्जा मांग, नवीकरणीय स्रोतों, परमाणु ऊर्जा और भविष्य की चुनौतियों पर विचार रखे। प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष के प्रिंस कुमार ने प्रथम, मानसी ने द्वितीय और अविदीप सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों ने सौर, पवन और जैव ऊर्जा के विस्तार, ऊर्जा भंडारण की तकनीकी चुनौतियों, बिजली ग्रिड के आधुनिकीकरण, विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति तथा ऊर्जा और वैश्विक भू-राजनीति के संबंधों पर प्रकाश डाला। मंच संचालन बीए तृतीय वर्ष की छात्रा विपरीत ने किया। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन प्रो. शैलेंद्र, डॉ. हरमनलीन कौर, प्रो. उर्मिला और प्रो. अनिल ने किया।
प्राचार्या डॉ. अनीता सिंह और उप-प्राचार्य डॉ. सत्यपाल ने विजेताओं को बधाई दी। डॉ. अनीता सिंह ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा किसी भी राष्ट्र के आर्थिक विकास और संप्रभुता की रीढ़ है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन और शोधपरक दृष्टिकोण विकसित करते हैं। भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. रितेश सिंह ने ऊर्जा के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. सुभाष ने ऊर्जा संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
आयोजन में प्रो. सुनील, प्रो. अमित, प्रो. मदन और प्रो. राजकुमार ने योगदान दिया। लैब सहायक उषा ने अनुशासन व्यवस्था संभाली। प्रेस प्रवक्ता डॉ. सत्यपाल, डॉ. सूरज रंजन, डॉ. गुलाबवती और प्रो. हैप्पी सिंह ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की वक्तृत्व कला और समसामयिक मुद्दों की समझ बढ़ाती हैं।