सोशल मीडिया पर डाली गई पार्षद अनु मल्होत्रा की पोस्ट।
सिरसा। शहर के वार्ड 31 की भाजपा पार्षद अनु मल्होत्रा ने सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट के जरिये पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनकी यह पोस्ट शहर में चर्चा का विषय बन गई। दरअसल, शहर में महिला पार्षद और पुलिस के बीच रविवार रात को लगभग 9 बजे के करीब नागरिक अस्पताल के पास चालान के लिए बहस हो गई।
मामला उस समय गर्माया जब पुलिस ने पार्षद की गाड़ी की नंबर प्लेट न होने पर चालान काटने की बात कही। गाड़ी हाल ही में खरीदी गई होने का हवाला देकर पार्षद ने नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया होने की दलील दी। वहीं पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई पर जोर दिया। यह बहस करीब 10 से 15 मिनट तक चली। आखिर पुलिस ने उनको जाने दिया। वहीं, महिला पार्षद अनु मल्होत्रा ने पुलिस प्रशासन की इस कार्यप्रणाली और सरकार की जवाबदेही की मांग की है।
पार्षद ने पोस्ट में एसपी को किया टैग
फेसबुक पर डाली इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि रविवार रात जब वह अपनी छोटी बच्ची के साथ कार में घर लौट रही थीं तो नागरिक अस्पताल के पास पुलिस ने उन्हें रोक कर बिना वजह चालान काटने की जिद्द की। पार्षद का कहना है कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया कि उनके पास वाहन से संबंधित सभी दस्तावेज मौजूद हैं और उन्होंने अपनी पहचान भी बताई। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों का व्यवहार दबाव बनाने वाला, असंवेदनशील और अपमानजनक रहा है। इसके चलते उनको असुरक्षा का अहसास हुआ। उन्होंने पोस्ट पर लिखा कि ''''अब तो डर लगने लगा है... हर बार जब बेटी को स्कूल से लेने जाती हूं, लगता है फिर कोई पुलिस वाला रोक कर बेवजह परेशान न कर दें। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक मां का अपनी बच्ची के साथ बाहर निकलना अब सुरक्षित नहीं रहा। क्या पुलिस का काम जनता को सुरक्षा देना है या भय का माहौल बनाना। वही, उन्होंने फेसबुक पोस्ट को सिरसा पुलिस अधीक्षक को टैग भी किया है और पुलिस से जवाब भी मांगा है।