सिरसा। गांव कुस्सर निवासी सीडीएलयू के 23 वर्षीय आईटीआई प्रशिक्षु सोनू की अधजली लाश के मामले में पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की है। डीएसपी जगत सिंह मोर ने इस घटना को आत्मदाह बताया है। वहीं पुलिस की इत्तफाकिया कार्रवाई पर कई सवाल अधूरे रह गए हैं। जो आमजन के दिलो दिमाग में उठ रहे हैं।
डीएसपी ने बताया कि कुस्सर निवासी सोनू सीडीएलयू में आईटीआई प्रशिक्षु था। उसके पिता ने भी आत्महत्या की थी। उसके बाद उसकी मां ने किसी दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली थी। पुलिस ने सोनू के कमरे की तलाशी ली तो उसके बैग से सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था कि जहां मैं रहता हूं, मुझे मेरे परिवार में खास आदर नहीं मिलता है। इसलिए मैं जा रहा हूं। बहन के लिए उसने सॉरी लिखा और पत्र में लिखा कि बैग में रखे सात-आठ हजार रुपये मेरी बहन को दे देना। परिवार वालों मेरी बहन की शादी कर देना। डीएसपी ने कहा कि सुसाइड नोट और अन्य जांच के आधार पर धारा 174 के तहत इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है।
घटना पर उठ रहे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार साेनू के हाथ-पैर मुड़े थे। जैसे किसी ने बांधा हो।
आत्महत्या करने के लिए सुनसान जगह का चयन करना सवाल पैदा करता है।
दिन के समय झाड़ियों में आग लगाने के बाद भी किसी को दिखाई नहीं दिया।
स्वयं को आग लगाने के बाद व्यक्ति शोर मचाते हैं और खुद को बचाने का प्रयास करते हैं, लेकिन इस केस में ऐसा कुछ नहीं था।
तीन साल पहले भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हुआ था हत्या का मामला दर्ज
जीआरपी को तीन साल पहले डिंग स्टेशन के पास कालांवाली के एक युवक की लाश मिली थी। तब भी पुलिस ने धारा 174 के तहत इत्तफाकिया कार्रवाई की थी। डेढ़ साल बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पुलिस को धारा बदलकर 302 मामला दर्ज करना पड़ा। जांच में कालांवाली के ही एक युवक का हाथ मिला और अदालत ने दोषी को सजा भी सुनाई।