रानियां। रानियां क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने पदभार संभालते ही एक नई पहल शुरू की है। पुलिस अब नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को बाहर निकालने और पीड़ित परिवारों को सहयोग देने की दिशा में भी काम करेगी।
इसी उद्देश्य को लेकर शनिवार को रानियां थाना परिसर में पत्रकारों, चिकित्सकों और नशा मुक्ति अभियान से जुड़े लोगों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशे की समस्या, युवाओं पर इसके प्रभाव और इससे निपटने के लिए पुलिस एवं समाज की संयुक्त भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक विभाग की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। पुलिस का प्रयास रहेगा कि जो युवा नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटना चाहते हैं, उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाए। ऐसे लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़ने, काउंसलिंग करवाने और जरूरी सहायता उपलब्ध करवाने में पुलिस सहयोगी की भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि कई परिवार सामाजिक झिझक या डर के कारण अपनी परेशानी सामने नहीं रख पाते। पुलिस और आमजन के बीच विश्वास का माहौल बनाना जरूरी है, ताकि समय रहते युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकाला जा सके। थाना प्रभारी ने नशा तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर पैनी नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मेडिकल नशे के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि आसानी से उपलब्ध होने वाला मेडिकल नशा युवाओं के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है। इसके लिए जागरूकता और समय रहते रोकथाम जरूरी है।
नशा मुक्ति अभियान से जुड़े काउंसलर हरजिंदर सिंह ने बताया कि उनकी टीम पिछले दो वर्षों में करीब डेढ़ दर्जन युवाओं को पूरी तरह नशे की लत से मुक्त करवा चुकी है जो आज सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन अन्य युवाओं ने भी नशा छोड़कर उपचार एवं परामर्श के माध्यम से स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाया है। इस अवसर पर उप निरीक्षक मल सिंह, उप निरीक्षक पूनम चंद, चिकित्सक राजप्रीत बराड़, जसविंदर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।