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प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं पर पुलिस ने किया लाठी चार्ज

Thu, 04 Sep 2014 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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डीसी आवास पर नए भवन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहीं नेशनल कॉलेज की महिला विंग की छात्राआें पर बृहस्पतिवार को पुलिस ने जमकर लाठियां भाजीं।

लाठी चार्ज के दौरान तीन छात्राएं घायल हो गईं, वहीं एक बेहोश हो गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और जिप्सी में डालकर थाने ले गई।

घायलों को भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिविल अस्पताल में भर्ती करवाकर उनका मेडिकल करवाया। घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई गई। लाठीचार्ज के बाद छात्राओं ने छात्र नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर धरना भी दिया। हालांकि बाद में एबीवीपी नेताओं ने पुलिस ने शाम को रिहा कर दिया
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डीसी आवास में घुसने का प्रयास
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे लगभग 400 छात्राएं एबीवीपी के नेतृत्व में महिला विंग कॉलेज से राजकीय कॉलेज पहुंची और नेशनल हाइवे जाम कर नारेबाजी करते हुए करीब दस मिनट प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारी बरनाला रोड होते हुए डीसी आवास पहुंचे।

यहां छात्राओं ने गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने जबरन डीसी आवास में घुसने का प्रयास किया। क्योंकि पुलिस को पहले से ही छात्राओं के आंदोलन के उग्र होने की आशंका थी, इसलिए सुरक्षाकर्मी और महिला पुलिस सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर पहले ही डीसी आवास पहुंच गए। महिला पुलिस ने डीसी आवास में घुसने का प्रयास कर रही छात्राओं को रोका।


डीसी को बुलाने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्राओं और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने डीसी को बुलाने की मांग की। इस दौरान करीब सवा दस बजे एसडीएम परमजीत सिंह चहल मौके पर पहुंचे लेकिन छात्राओं ने उनसे बात करने से इंकार कर दिया। एसडीएम ने छात्राओं से बातचीत करने और उनकी हर समस्या को बैठकर बातचीत द्वारा सुलझाने को कहा पर छात्राएं डीसी को बुलाने की मांग करती रहीं।


डीसी के आते नारेबाजी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने डीसी को फोन कर स्थिति से अवगत करवाया। डीसी के आते ही छात्राओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। डीसी ने एबीवीपी नेता को बैठकर बातचीत करने कोे कहा। डीसी ने कहा कि कोई भी पांच छात्राएं अंदर चलें। साथ ही प्रिंसिपल को बुला लिया जाए। जो भी समस्या है उसका समाधान करा दिया जाएगा। लेकिन भीड़ में दोबारा नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद डीसी अंदर चले गए और डीएसपी को बुला लिया।


अंदर जाते ही लाठीचार्ज
डीसी के गुस्से में अंदर जाते ही पुलिस ने छात्राओं के अलावा वहां मौजूद छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक-एक करके खदेड़ना शुरू कर दिया। सबसे पहले एएसफआई नेता रोशन सुचान को पुलिस ने उठाया और पीटते हुए पुलिस की गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए।

फिर एबीवीपी नेता सुखबीर सिंह बराड को पीटते हुए गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद एक-एक करके पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उठाना शुरू कर दिया और मौके पर ही उन पर लाठियां बरसा दीं। कुछ कार्यकर्ता पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह की दीवार फांद कर पार्क में घुस गए। उन्हें भी पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

लाठी बरसते ही मची भगदड़
जब पुलिस एबीवीपी कार्यकर्ताओं को गाड़ी में डालकर ले जा रही थी छात्राओं ने पुलिस की गाड़ियों को घेरना शुरू कर दिया। इस पर महिला पुलिस ने छात्राओं पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। मौके पर भगदड़ मच और कुछ छात्राएं जमीन पर और कुछ वाहनों के ऊपर गिर गईं।

इस दौरान करीब तीन छात्राएं घायल हो गईं। जिन्हें मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। घायल होने वाली छात्राओं में बीए दूसरे वर्ष की सरस्वती, हरजीत और दयावंती थीं।

गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग
पुलिस की कार्रवाई से नाराज छात्राओं ने अपने एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की और डीसी आवास पर ही धरने पर बैठ गईं।

मौके पर भाजपा नेता दयांनद शर्मा पहुंचे और छात्राओं का हालचाल जाना। घायल छात्राओं को दयानंद शर्मा ने अस्पताल पहुंचवाया और उनका मेडिकल करवाया। शाम करीब सवा तीन बजे धरने पर बैठीं छात्राओं में से एक छात्रा बेहोश हो गई जिसे सिविल अस्पताल ले जाया गया।

एबीवीपी और एआईएसएस में कहासुनी
डीसी आवास पर एबीवीपी प्रदर्शन के दौरान मौके पर एआईएसएफ के प्रदेश संयोजक नेता रोशन सुचान अपने साथियों संग पहुंच गए।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उक्त लोग आंदोलन को एआईएसएफ के आंदोलन में बदलने की कोशिश करने लगे इस पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं और एआईएसएफ में कहासुनी हो गई।
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इस बात का फायदा उठाकर पुलिस ने दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। एबीवीपी का यह भी आरोप है कि एएसआईएफ के कार्यकर्ताओं ने ही प्रदर्शन कर रही भीड़ में शामिल होकर हूटिंग और नारेबाजी की, जिससे डीसी नाराज हुए। इसी के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता और एआईएसएफ कार्यकर्ताओं में बहस शुरू हो गई।
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