संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। समाज तेजी से बदला है। लोगों की मानसिकता भी बदल रही है, लेकिन आज भी कुछ ऐसे शरारती लोग हैं जो दूसरों को परेशान करते हैं। ऐसे में आप को डरने नहीं, बल्कि खुलकर सामने आकर अपनी कहने की आवश्यकता है। अगर, आप को लगता है कि थाने या पुलिस के पास नहीं जा सकते हैं तो आप डायल 112 पर कॉल करें। पुलिस हर कदम आपके साथ है। यह बात डीएसपी अजायब सिंह ने पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कही।
शहर के न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन ने मंगलवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि डीएसपी अजायब सिंह और विशिष्ट अतिथि महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने और साइबर व अन्य अपराध से बचने की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सहायता नंबरों संबंधित के बारे में जागरूक करने के साथ ही एक अच्छे नागरिक बनने के टिप्स भी दिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य राजीव उतरेजा ने की। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए डीएसपी अजायब सिंह ने कहा कि सबसे पहले विद्यार्थी 112 और 1930 नंबरों को नोट करें। क्योंकि ये वो नंबर है जो सभी को याद होने बहुत ही जरूरी है। बुरे हालात में इन नंबरों को डायल करके पुलिस से मदद ले सकते हैं। अगर आप कॉल करते हैं तो कि आपकी मदद के लिए परिवार वाले बाद में पहुंचेंगे, डायल 112 की टीम उससे पहले पहुंचा जाएगी। अगर किसी के साथ भी साइबर क्राइम होता है तो तुरंत प्रभाव से 1930 डायल करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों में अनुशासन होना बहुत जरूरी है। शिक्षा जिंदगी में कभी भी ली जा सकती है। इस दौरान विद्यार्थी गौरव, मनवीत, तरुण के सवालों के डीएसपी ने जवाब भी दिए। इस मौके पर स्कूल से अनुपमा निरानिया, मंजू बाला, रजनी ग्रोवर, नीतू मेहता, शारदा, सुनीता, हैड कांस्टेबल कविता व एचजीएच नीलम मौजूद रहे।
पहले बच्चे अभिभावकों से डरते थे, अब अभिभावक डरते हैं : मंजू सिंह
महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने कहा कि पहले के दौर में बच्चे अभिभावकों से डरते थे। उस समय का माहौल ठीक था और क्राइम भी कम था। आज के समय में अभिभावक बच्चों से डरते हैं। इसके कारण स्थिति अनियंत्रित हो रही है। यातायात नियमों को बताते हुए मंजू सिंह ने कहा कि जब हम कभी भी चौक चौराहों पर चालान काटने के लिए खड़े होते हैं, इस डर से लोग नियमों का पालन करते हैं। हैंडल पर टांगा हेलमेट लगा लेते हैं, ट्रिपलिंग की हो तो उतर जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। पुलिस के डर से नहीं अपितु अपनी सुरक्षा के लिए सभी को नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को भी सचेत करते हुए कहा कि अगर आपसे कोई भी दोस्ती करने के लिए दबाव बनाता है या आपके साथ छेड़छाड़ करता है तो उसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबरों पर दें। अगर कहीं बीच रास्ते में भी आपके साथ कोई गलत हरकत होती है तो 112 पर कॉल कर नजदीकी थाने में जाकर अपने आप को सुरक्षित कर सकरी हैं। आपकी पहचान को भी गोपनीय रखा जाएगा।
ऐसे कार्यक्रमों से बढ़ती है जागरूकता : प्राचार्य
स्कूल के प्राचार्य राजीव उतरेजा ने कहा कि अमर उजाला की ओर से हर महीने किए जा रहे ऐसे कार्यक्रम सराहनीय है। कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ती है। अपनी समस्याओं के जवाब भी इन कार्यक्रमों के माध्यम से मिलते हैं।