पंजाब के बठिंडा जिले में मौड़ मंडी बम ब्लास्ट मामले में सिरसा पुलिस ने पांचों गवाहों की सुरक्षा की समीक्षा कर ली है। पांच गवाहों में से एक गवाह कृष्ण कुमार का पता सिरसा पुलिस को नहीं मिला। क्योंकि बठिंडा पुलिस ने सिरसा पुलिस को जो जानकारी भेजी थी, उसमें कृष्ण कुमार का पता प्रीत नगर कॉलोनी दिया गया था। लेकिन उस पते पर एक विधवा महिला रहती है। जबकि अन्य गवाहों ने सुरक्षा की इच्छा नहीं जताई।
कुछ दिनों पहले बठिंडा पुलिस ने सिरसा पुलिस को मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले में पांच गवाहों सुनील कुमार निवासी सिरसा, हरमेल सिंह निवासी राजस्थान, हालिया निवासी सिरसा, सुखविंद्र सिंह निवासी सिरसा, कृष्ण निवासी प्रीत नगर, हरप्रीत निवासी सिरसा को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पत्र जारी किया था। मामले में तीन गवाह सिरसा के गांवों में रहते हैं और दो शहर में। सिरसा पुलिस ने एक गवाह कृष्ण कुमार के प्रीत नगर कॉलोनी में संबंधित मकान नंबर का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि वहां पर इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। एक विधवा महिला रहती है। जिसकी लड़की के नाम पर मकान दर्ज है। पुलिस ने आसपास के लोगों से कृष्ण कुमार के बारे में जानकारी जुटाई, लेकिन इस नाम का व्यक्ति उन्हें नहीं मिला। ऐसे में सिरसा पुलिस ने बीते सप्ताह शुक्रवार को सिरसा नगर परिषद में जाकर कृष्ण कुमार के नाम का प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड भी चेक किया। लेकिन पुलिस को इस कृष्ण कुमार के नाम पर कोई प्रोपर्टी रिकार्ड नहीं मिला। अब सिरसा पुलिस दोबारा से बठिंडा पुलिस को सही पता देने की मांग करेगी।
गवाहों ने नहीं मांगी सुरक्षा, एक ने मांगा आर्म्स लाइसेंस
सूत्रों के अनुसार सिरसा पुलिस ने बाकी गवाहों की समीक्षा की। गवाहों ने पुलिस को कहा कि यदि उन्हें सुरक्षा की जरूरत होगी तो वे बता देंगे। हालांकि गांव में रहने वाले एक गवाह ने पुलिस के समक्ष आर्म्स लाइसेंस बनाने की इच्छा जाहिर की है। ताकि विपदा के समय वह अपनी सुरक्षा आप कर सकें। लेकिन बाकी गवाहों ने अभी तक पुलिस के समक्ष सुरक्षा की मांग नहीं रखी। पुलिस ने एसपी कार्यालय को रिपोर्ट बनाकर भेज दी है।
यह था मामला
पंजाब विधानसभा चुनावों में बठिंडा के मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले में जनवरी 2017 में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार व डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के समधी हरमिंदर सिंह जस्सी की चुनावी रैली में बम ब्लास्ट हुआ था। इस मामले में पांच बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एसआईटी का गठन किया था। पंजाब पुलिस ने इस मामले में सिरसा डेरे की वर्कशाप के इंचार्ज गुरतेज सिंह, अमरीक सिंह, अवतार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था और ये आरोपी वांछित है। सिरसा में गाड़ी तैयार की गई, बैटरी व अन्य सामान लगाया गया। एसआईटी ने इस मामले को लेकर डेरा प्रबंधन को वर्कशाप का रिकॉर्ड पेश करने का भी नोटिस दिया था। इतना ही नहीं तीनों आरोपियों की सिरसा में प्रोपर्टी, वोटर कार्ड, पैन कार्ड व अन्य रिकॉर्ड को भी एसआईटी खंगाल चुकी है।
हमने समीक्षा की है, लेकिन किसी ने भी सुरक्षा की मांग नहीं रखी। - अरूण सिंह, एसपी सिरसा।