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कविता, गजल और गीत लिखे नहीं जाते, बल्कि वे मन:स्थिति से जन्म लेते हैं : लाज पुष्प

Tue, 06 Jan 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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डबवाली में वरच्युस भवन में आयोजित कला कुंज कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अति​थि व अन्य।
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डबवाली। संस्था वरच्युस क्लब की ओर से वरच्युस भवन में कला कुंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिरसा से प्रख्यात साहित्यकार लाज पुष्प साहित्यिक अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने अपनी कविताओं और शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने जीवन के यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि कविता, गजल और गीत लिखे नहीं जाते, बल्कि वे मन:स्थिति से जन्म लेते हैं और सीधे हृदय पर दस्तक देते हैं। श्रोता अपनी अनुभूतियों को कवि की रचना में तलाशता है और साहित्य व्यक्ति को उसके वास्तविक स्वरूप से परिचित कराता है।
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वरच्युस क्लब के संस्थापक केशव शर्मा ने कहा कि कला कुंज कार्यक्रम साहित्य, रंगमंच और संगीत का ऐसा मंच है, जो समाज में रचनात्मक ऊर्जा का संचार करता है और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान नवोदित लेखकों को साहित्यिक मार्गदर्शन का अवसर मिला। प्रश्न-उत्तर सत्र अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक रहा। मंच संचालन संजीव शाद ने अपने जोशीले अंदाज में कुशलता से निभाया।
कार्यक्रम के समापन पर क्लब के सचिव नरेश शर्मा ने धन्यवाद करते हुए साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु लाज पुष्प को वरच्युस अवार्ड प्रदान किया तथा उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। क्लब के पीआरओ. सोनू बजाज ने बताया कि कला कुंज का आयोजन अब प्रत्येक माह किया जाएगा। मासिक आयोजनों में चर्चित, प्रतिष्ठित कवि, लेखक और कलाकार डबवाली के कला प्रेमियों से सीधे संवाद करेंगे। इस मौके पर सत्य प्रकाश यादव, जसदीप गिल, रसदीप गिल, वंदना वाणी, सेवक सिंह सोनू, वेद भारती, पुनीत कुमार, तरसेम गर्ग, परमजीत कोचर व अन्य मौजूद रहें।
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