रोड़ी-कालांवाली मार्ग पर जगह-जगह टूट चुकी सड़क, रोड़ी बस स्टैंड के पास महीनेभर से निकली सरिया
ग्रामीणों ने विजिलेंस जांच की मांग की
फोटो - 12 से 19
रोड़ी। डेढ़ साल पहले बनी रोड़ी से कालांवाली तक की करीब 25 किलोमीटर सड़क के हालात बदतर हो गए हैं। 36 करोड़ की लागत से बनी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इतना ही नहीं, कई जगह पर सरिया निकल गई है। इससे वाहन पंक्चर होने के साथ ही हादसे के शिकार भी हो रहे हैं।
इस सड़क को लेकर पहले ही ग्रामीण घटिया निर्माण सामग्री प्रयोग करने के आरोप लगा चुके हैं और विजिलेंस से जांच करवाने की मांग कर चुके है। लोक निर्माण विभाग की ओर से रोड़ी से कालांवाली तक सड़क निर्माण पर करीब 35 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च किए गए थे। निर्माण कार्य 28 जुलाई 2021 को शुरू हुआ था और लगभग तीन साल बाद पूरा किया गया। सड़क निर्माण पूरा होने के करीब डेढ़ साल के भीतर ही सड़क कई जगहों से टूटने लगी है। वर्तमान में सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रोड़ी बस स्टैंड के पास पिछले करीब एक महीने से सड़क के बीच सरिया निकली हुई है। इससे हादसों को डर बना रहता है। अधिकारी न तो समस्या का समाधान करते हैं न ही फोन उठाते हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत का ही यह परिणाम है। उनका कहना है कि अधिकांश निर्माण कार्य रात के समय किया गया और मौके पर विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी निगरानी के लिए नहीं पहुंचा।
इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए बनाए गए नाले पूरी तरह मिट्टी से भरे पड़े हैं। निर्माण के बाद से अब तक उनकी सफाई नहीं करवाई गई। इससे बरसात के दौरान सड़क को और अधिक नुकसान पहुंचता है। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय विजिलेंस जांच करवाई जाए और सड़क की जल्द मरम्मत कर हादसों के खतरे को रोका जाए।
कोट्स
सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद डेढ़ साल में ही सड़क टूट जाना गंभीर लापरवाही दर्शाता है। जगह-जगह बने गड्ढों से हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। कई बार शिकायत देने के बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। सरकार को मामले की विजिलेंस जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
-बलकार सिंह, ग्रामीण, रोड़ी।
रोड़ी बस स्टैंड के पास पिछले एक महीने से सड़क के बीच सरिया निकली है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रोजाना स्कूली बच्चे और वाहन चालक यहां से गुजरते हैं। विभाग को कई बार सूचना दी गई लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। अधिकारियों की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
-विश्वजीत सिंह, ग्रामीण, रोड़ी।
सड़क के दोनों तरफ बनाए गए पानी निकासी नाले पूरी तरह मिट्टी से भरे पड़े हैं। बरसात के समय पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इससे सड़क तेजी से टूट रही है। निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया। प्रशासन को जल्द मरम्मत करवाकर ग्रामीणों को राहत देनी चाहिए।
-सतनाम सिंह, दुकानदार, रोड़ी।
सड़क की खराब हालत का असर व्यापार पर भी पड़ रहा है। गड्ढों और धूल के कारण ग्राहक बाजार आने से बचते हैं। कई वाहन चालक सड़क खराब होने के कारण दूसरी तरफ से निकल जाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क का यह हाल बेहद दुखद है। विभाग को तुरंत सड़क दुरुस्त करनी चाहिए।
-धर्मपाल जिंदल, दुकानदार, रोड़ी।
कोटस
इस संबंध में ज्यादा जानकारी मुझे नहीं है। इस संबंध में एक्सईएन साहब ही सही तरह से जानकारी दे पाएंगे।
-जेई रवि, पीडब्ल्यूडी, डबवाली।