फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: नवाचार से सजी शिक्षा की तस्वीर, छात्र-अध्यापकों की टीएलएम प्रदर्शनी का आयोजन

विज्ञापन
सिरसा।सिरसा।जननायक चौ. देवीलाल शिक्षण महाविद्यालय में लगी प्रदर्शनी के दौरान छात्रध्यापक का मॉड
विज्ञापन
सिरसा। जननायक चौधरी देवीलाल शिक्षण महाविद्यालय के छात्र-अध्यापकों द्वारा शिक्षण अभ्यास सत्र के अंतर्गत तैयार की गई टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) की एक प्रदर्शनी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पनिहारी में आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों की ओर से निर्मित नवाचारपूर्ण शिक्षण सहायक सामग्रियों को विद्यालयी विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत करना व शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और व्यावहारिक बनाना रहा।
विज्ञापन


प्रदर्शनी का उद्घाटन जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश एवं विद्यालय की प्राचार्या शालू ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन अवसर पर अतिथियों ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और छात्र-अध्यापकों की रचनात्मकता, नवाचार एवं परिश्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
प्रदर्शनी में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, पर्यावरण अध्ययन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित आकर्षक मॉडल, चार्ट, कार्यशील मॉडल, फ्लैश कार्ड, खेल आधारित शिक्षण सामग्री और डिजिटल संसाधनों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। इन सामग्रियों ने विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और सीखने के प्रति उनकी रुचि को बढ़ाया।
विज्ञापन

इस अवसर पर डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि टीचिंग लर्निंग मटेरियल शिक्षा को केवल जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे अनुभवात्मक और सहभागितापूर्ण बनाता है। टीएलएम के माध्यम से विद्यार्थी कठिन और अमूर्त विषयों को भी सरलता से समझ पाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भावी शिक्षक स्वयं पाठ्यक्रम आधारित सामग्री का निर्माण करते हैं, तो उनमें सृजनात्मकता, तार्किक सोच, समस्या-समाधान क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने इस प्रकार की गतिविधियों को शिक्षक प्रशिक्षण का अभिन्न अंग बताया।

टीएलएम में चार्ट, वीडियो व अन्य टूल्स होते हैं शामिल
विद्यालय की प्रधानाचार्या शालू ने कहा कि टीचिंग लर्निंग मटेरियल या शिक्षण अधिगम सामग्री वे सभी उपकरण और संसाधन हैं जिनका उपयोग शिक्षक छात्रों को बेहतर, मजेदार और प्रभावी ढंग से सिखाने के लिए करते हैं। इनमें पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ चार्ट, वीडियो, फ्लैशकार्ड, मॉडल, शैक्षिक खेल और डिजिटल टूल्स शामिल होते हैं। टीएलएम के प्रयोग से कक्षा शिक्षण अधिक इंटरेक्टिव बनता है और विद्यार्थियों की सीखने में रुचि बढ़ती है। इससे अमूर्त अवधारणाओं को मूर्त रूप दिया जा सकता है, जो सीखने की प्रक्रिया को सरल और स्थायी बनाता है।

विद्यार्थियों ने लगाई स्टॉल
प्रदर्शनी के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर सामग्री को नजदीक से देखा और छात्र-अध्यापकों से प्रश्न पूछकर विषयों को समझा। विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई मॉडलों को स्वयं प्रयोग करके देखने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा। शिक्षकों ने भी इस पहल को विद्यालयी शिक्षा के लिए उपयोगी बताते हुए सराहना की। प्रदर्शनी का सफल संचालन महाविद्यालय की प्रवक्ता डॉ. कंवलजीत कौर की ओर से किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। प्रदर्शनी के अंत में उत्कृष्ट टीचिंग लर्निंग मटेरियल तैयार करने वाले विजेता विद्यार्थियों को डॉ. जयप्रकाश एवं शालू ने सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें