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सात गांवों के लोगों को एक बस का सहारा

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शिकायत दिखाते ग्रामीण। - फोटो : Sirsa
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जिले के सिरसा डिपो में कर्मचारियों की कमी का खामियाजा ग्रामीणों तथा पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इसी परेशानी के चलते जिले के गांव झोरड़रोही और अलीकां के पंचायत सदस्यों ने रोडवेज महाप्रंबध केआर कौशल को सोमवार को एक पत्र सौंपा। लेकिन महाप्रबंधक ने चालक परिचालक की कमी का हवाला देकर बसे चलाने से मना कर दिया। जिले के करीब सात गांवों में केवल एक ही बस का सहारा है तो वहीं अगर उन गांवों के लोगों को उपमंडल कालांवाली तक जाने का कोई साधन नहीं है।
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हरियाणा रोडवेज सिरसा डिपो में अलीकां, झोरड़ रोही, लकड़ांवाली, पंजमाला, सुखचैन, कुरंगावाली तथा भादड़ा के पंचायत सदस्य और गांवों के छात्र बसों को लेकर आ रही समस्याओं का एक शिकायत पत्र लेकर जीएम कार्यालय में पहुंचे। छात्र संघ के सदस्य कुलविंद्र ने बताया कि बड़ागुढ़ा से लेकर कालांवाली के लिए कोई बस नहीं है। जबकि उनका उपमंडल कालांवाली पड़ता है। अगर किसी को कोई काम होता है तो वहीं जाना पड़ता है लेकिन कालांवाली के लिए एक भी रोडवेज बस सेवा नहीं है। नंबरदार जरनैल सिंह ने बताया कि सिरसा से लेकर अलीकां तक एक ही बस जाती है। जिससे पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी लटक कर सफर करना पड़ रहा है। इस रूट पर सात गांव हैं जिनकी सवारी एक ही बस शहर तक पहुंचाती है। ग्रामीण दर्शन सिंह ने बताया कि अगर बसों की सुविधा हो जाए तो शहर आने वाले लोगों के लिए बहुत ही फायदा हो जाएगा। विक्रम शर्मा ने बताया कि बसों में लड़कियों के चढ़ने की जगह नहीं होती है। जिस पर अधिकतर लड़कियां तो बस में लटक कर सफर कर रही हैं। इस कारण से अधिकतर ग्रामीण इलाकों के लोग अपनी लड़कियों को पढ़ने के लिए शहर नहीं भेज रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जो बस अलीकां तक जाती है वह कालांवाली तक जानी चाहिए। जिससे लोगों को परेशानी न आए। अगर इस रूट पर बसों की संख्या ज्यादा होगी तो किसी भी सवारी अथवा विद्यार्थी को कोई परेशानी नहीं होगी।
हमारे हाथ में कुछ नहीं
कुलविंद्र ने बताया कि जब वह जीएम से मिलने गए तो पूरी बात सुनने के बाद महाप्रबंधक केआर कौशल ने कहा कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। डिपो में पहले ही चालक और परिचालकों की बहुत कमी है। जिस कारण बसों का न ही रूट बदला जा सकता है और न ही और बसें दी जा सकती है। जिससे ग्रामीण अपनी शिकायत देकर वापस चले गए।
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अभी हमारे पास स्टाफ की कमी है। जिस कारण हम उन रूटों पर बसें नहीं लगा सकते। जैसे ही स्टाफ आता है तो उस रूट पर स्पेशल बस चलाई जाएगी।
--केआर कौशल, महाप्रबंधक सिरसा डिपो।
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