संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद ने ग्रीन बेल्ट और पार्कों की देखभाल करने वाली 5 सोसायटियों को सही ढंग से काम नहीं करने पर उनके भुगतान पर रोक लगा दी है। ग्रीन बेल्ट पर अवैध निर्माण और काम नहीं करने पर कार्रवाई हुई है। आंकड़ों के अनुसार इन समितियों का ढाई लाख रुपये प्रति माह के हिसाब से पैसा रुका हुआ है। ऐसे में तीन माह के साढ़े सात लाख रुपये नगर परिषद ने रोका है।
नगर परिषद ने ग्रीन बेल्ट और पार्क रखरखाव के लिए सोसायटियों को सौंपे हैं। नवंबर माह के बाद से सोसायटियां पार्क और ग्रीन बेल्ट में काम कर रही हैं। इनमें से कई सोसायटियां बेहतर तरीके से कार्य कर रही हैं, जबकि कई का कार्य संतोषजनक नहीं है। पार्क और ग्रीन बेल्ट संभालने वाली इन सोसायटियों का भुगतान जारी नहीं किया गया है। इनमें पांच सोसायटी मुख्य रूप से हैं। इनमें तीन सोसायटियों के पास ग्रीन बेल्ट है, लेकिन ग्रीन बेल्ट को दुरुस्त नहीं किया गया है। कुछ ग्रीन बेल्ट पर कब्जा होने की शिकायत नगर परिषद प्रशासन को निरंतर प्राप्त हो रही है। जानकारी के अनुसार ग्रीन बेल्ट को गोद देने का निर्णय परिषद वापस ले सकती है।
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इन साेसायटियों को दिए गए हैं पार्क गोद
- सोसायटी - अमर हर्बल पार्क वेलफेयर ट्रस्ट, पार्क 11
- सोसायटी - श्री सती दादी सर्व मानव कल्याण संस्थान, पार्क -10
- सोसायटी - बाबा सरसाई नाथ सेवा ट्रस्ट सिरसा , पार्क - 3
- सोसायटी - अन्नपूर्णा चैरिटेबल ट्रस्ट, ग्रीन बेल्ट - 4
- सोसायटी - श्री मनोहर लाल सुखीजा मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट, 1 ग्रीन बेल्ट, 4 पार्क
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सोसायटियों को 10- 10 पार्क देना गलत
शहरवासियों के अनुसार एक-एक सोसायटी को 10 पार्क देने पर पहले भी विरोध जताया गया था। इसका परिणाम है कि सेक्टरों में पार्कों के हालात बेहतर नहीं है। प्रशासन को सेक्टर की सोसायटियों के पार्कों पर दोबारा से विचार करने की जरूरत है। शहर की ग्रीन बेल्ट प्रशासन को स्वयं संभालनी चाहिए, क्योंकि नगर परिषद के पास कोई ग्रीन बेल्ट नहीं है। यदि प्रशासन ग्रीन बेल्ट को भी विकसित करता है तो आदर्श बन सकती है।
पार्कों में लोगों ने बना दी पार्किंग
पार्कों को गोद लेने के साथ-साथ लोगों ने वहां पर अपनी निजी पार्किंग बना दी थी। जेजे कॉलोनी पुलिस चौकी के सामने बने पार्क में लोगों ने आधे हिस्से को पार्किंग बनाया हुआ है। निजी पार्किंग के तौर पर पार्क का प्रयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं, विशेष रूप से कमरे का निर्माण भी किया गया है। विशेष रूप से रैंप बनाकर वाहनों को पार्क किया जाता है। जबकि पार्क के पास बाहर बड़े स्तर पर पार्किंग की जगह है। लेकिन गोद लेने वाली समिति की ओर से इसका प्रयोग पार्किंग के तौर पर किया जाता है।
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जिन पार्कों ने कार्य किया है। उनके भुगतान में कोई दिक्कत नहीं आई है। कुछ चुनिंदा समितियों ने काम नहीं किया है। उनकी रुकी हैं। ग्रीन बेल्ट में जहां पर कब्जा हुआ है या काम नहीं किया है। उनकी रोकी गई है।
-बलदेव सिंह, प्रधान, पुनिता वेलफेयर सोसायटी।
कोट्स
सभी पार्कों का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान कई समितियों को दिए गए पार्कों में कमियां देखने को मिली है। जिसके बाद सभी पार्क समितियों को दी जाने वाली राशि को रोक दिया गया है। उच्चाधिकारियों के आगामी आदेशों के बाद ही कोई भुगतान जारी होगा।
रोहित हुड्डा, जेई, इंचार्ज बागवानी शाखा , नगर परिषद।