राज्य कमेटी के आह्वान पर हड़ताल, तहसीलों में कामकाज प्रभावित
लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए करना पड़ा परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। राज्य कमेटी के आह्वान पर राजस्व पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले जिलेभर के पटवारी और कानूनगो सोमवार से दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर चले गए। इस दौरान पटवारियों और कानूनगो ने लघु सचिवालय के बाहर जिला प्रधान दलवीर बिस्सु की अध्यक्षता में धरना दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिला प्रधान दलवीर बिस्सु ने बताया कि मांगों को लेकर शुरू की गई दो दिवसीय हड़ताल को आगे बढ़ा दिया गया है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण तहसीलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल से राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसीलों में पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जमाबंदी और इंतकाल सहित अन्य कार्यों के काउंटर भी प्रभावित रहे। ऑनलाइन राजस्व पोर्टल पर आ रही तकनीकी खामियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा अन्य लंबित कार्यों को लेकर कर्मचारियों में रोष है।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की ताकि राजस्व विभाग का कामकाज सुचारु रूप से शुरू हो सके।
हड़ताल के दौरान पटवार भवन पर लटका रहा ताला, कामकाज प्रभावित
हड़ताल के दौरान पटवार भवन पर ताला लटका रहा। पटवारियों और कानूनगो के कार्यालयों में उपलब्ध नहीं होने के कारण रजिस्ट्री, इंतकाल, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, भूमि पैमाइश तथा दस्तावेज से जुड़े कई जरूरी कार्य अटक गए। राजस्व संबंधी कार्यों के लिए कार्यालयों में पहुंचे लोगों को भी बैरंग लौटना पड़ा और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्य पटवारियों पर डालने का आरोप
एसोसिएशन के जिला प्रधान दलवीर बिस्सु ने कहा कि हड़ताल के कारण आमजन को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दिनभर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पटवारियों पर डिजिटल क्रॉप सर्वे का अतिरिक्त कार्यभार डाल दिया है जबकि उनका मुख्य दायित्व राजस्व संबंधी कार्यों का निपटारा करना है। अतिरिक्त जिम्मेदारी के कारण नियमित काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नए लागू किए गए सरकारी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन राजस्व पोर्टल में कई तकनीकी खामियां हैं। दलवीर ने कहा कि दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद भी यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो राज्य कमेटी की बैठक बुलाकर आगामी रणनीति और आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।