सिरसा। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगलवार को इंतकाल करने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में पटवारी विनय कुमार को दोषी करार दे दिया है। न्यायालय दोषी की सजा का फैसला 29 अगस्त को सुनाएगा। आरोपी के खिलाफ स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने जुलाई 2019 को एफआईआर दर्ज की थी।
मामले के अनुसार गांव फूलकां निवासी किसान महावीर की मां सुमित्रा के नाम गांव में सवा मरला का प्लाॅट व सवा कनाल जमीन थी। वर्ष 2015 में मां ने प्लाॅट व जमीन की वसीयत महावीर व उसके भाई के नाम करवा दी। 21 मार्च 2015 को सुमित्रा देवी की मौत हो गई। इसके बाद प्लाॅट व जमीन दोनों भाइयों के नाम करवाने के लिए महावीर ने मां का मृत्यु प्रमाणपत्र व शपथ पत्र तहसीलदार सिरसा से मार्क करवाकर गांव के पटवारी विनय कुमार के पास इंतकाल कराने पहुंचा।
पटवारी विनय कुमार ने इंतकाल करने की एवज में 6,000 रुपये रिश्वत मांगी। एक जुलाई 2019 को महावीर पटवारी को 2,000 रुपये देने लगा, लेकिन उसने मना कर दिया। पटवारी ने कहा कि पहले तीन हजार रुपये लेकर आइये फिर काम करुंगा। इसके बाद महावीर ने पटवारी विजय कुमार को तीन हजार रुपये पटवार भवन सिरसा के सामने दिए। महावीर ने फोन पर इसकी वीडियो बना ली। इसके बाद उसने पटवारी विनय कुमार की शिकायत स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को कर दी।
दो जुलाई 2019 को विजिलेंस ब्यूरो ने महावीर को 500-500 के चार व 200-200 के पांच नोट कुल 3,000 रुपये देकर पटवारी विनय कुमार के पास भेजा। पटवार भवन के सामने जैसे ही पटवारी विनय ने महावीर से ये राशि अपने हाथों में ली, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पब्लिक प्रोसिक्यूटर पलविंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने पटवारी विनय कुमार को दोषी करार दे दिया।