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पंजाब और हरियाणा सीमा से अब सवारियों की होगी अदला बदली

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सिरसा रोडवेज बसों को पंजाब और दिल्ली में जाने की अभी तक अनुमति नहीं मिली है। पंजाब से सिरसा आने वाली सवारियों को दो गुणे से भी ज्यादा किराया देकर सिरसा पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में सिरसा डिपो के अधिकारियों ने एक योजना बनाई है, जिससे पंजाब की सवारियों को सीमा से सिरसा डिपो की बसें जिले में लेकर आईं। ऐसे में पहले दिन शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा सीमा पर ही सवारियों की अदला बदली की गई। पहले दिन सिरसा रोडवेज की तीन बसों ने 12 चक्कर लगाए।
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सिरसा डिपो की बसों को पंजाब में चलने की अनुमति न मिलने के कारण एक ओर तो डिपो को घाटा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पंजाब से आने व सिरसा से पंजाब जाने वाली सवारियों को परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। सवारियों की परेशानी को देखते हुए पंजाब के बरनाला डिपो के डीआई, टीआई व स्टैंड इंचार्ज ने सिरसा डिपो के अधिकारियों से बातचीत कर इस बात पर सहमति दी कि पंजाब रोडवेज की बसें सवारियों को हरियाणा सीमा पर पड़ने वाले गांव मुसाहिबवाला के पास उतार देंगे। सवारियों को पैदल चलकर ही सिरसा जिले की सीमा में प्रवेश करना पड़ेगा। जिसके बाद सवारियों को सिरसा डिपो की बसों द्वारा उन्हें सिरसा ले जाया जाएगा। ऐसे में मुसाहिबवाला पर ही दोनों राज्यों की बसों की सवारियों की अदला बदली की जाएगी। इसी के तहत ही सिरसा डिपो की तीन बसों ने शुक्रवार को 12 चक्कर लगाकर मुसाहिबवाला गांव के पास से सिरसा की सवारियों को बस स्टैंड पर पहुंचाया।
सवारियों को दोगुने पैसे देकर करना पड़ रहा सीमा पर
जानकारी के अनुसार सवारियों की शिकायतें आती थी कि उन्हें सीमा पार करने के बाद निजी वाहनों जैसे ऑटो तथा अन्य गाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। जो उनके करीब डेढ़ सौ से दो सौ रुपये तक का किराया सिरसा के लिए देना पड़ रहा है। अगर हरियाणा रोडवेज की बसें सवारियां लाए तो उनका किराया बचेगा और समय भी।
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विभाग करता रहा इंतजार, नहीं मिली अनुमति
हरियाणा रोडवेज मुख्यालय द्वारा हरिद्वार और दिल्ली के लिए बसें चलाने को लेकर गाइडलाइन तो जारी कर दी गई थी, लेकिन इसका लिखित आदेश महाप्रबंधक के पास नहीं आया था। गाइडलाइन आते ही रोडवेज विभाग ने पूरी तैयारियों के साथ 31 बसें दिल्ली और दो बसें हरिद्वार के लिए चालकों परिचालकों के साथ तैयार कर दी थी, लेकिन शुक्रवार शाम तक महाप्रबंधक लिखित आदेश का इंतजार करते रहे कि आदेश आते ही बसों को रवाना कर दिया जाए, लेकिन शाम तक विभाग को कोई आदेश जारी नहीं हुए। रोडवेज द्वारा की गई तैयारियों में 31 बसें दिल्ली भेज जाएगी, वहीं दो बसें हरिद्वार के लिए लगाई जाएंगी, जिसमें एक बस जाएगी तो दूसरी वहां से वापसी रवाना होगी।
कोट
पंजाब के लिए कोई अनुमति नहीं आई है। सवारियों की सुविधा के लिए तीन बसें मुसाहिबवाला तक लगाई गई हैं। जो सवारियां लेकर आई हैं। वहीं दिल्ली और हरिद्वार के आदेश नहीं मिले हैं। हमारी तैयारियां पूरी थी और आगे जब भी आदेश आते हैं बसों को उसी समय रवाना कर दिया जाएगा।
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-आरएस पूनियां, रोडवेज महाप्रबंधक सिरसा डिपो।
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