फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एस्टीमेट बनवाकर रखें पंचायतें, अप्रैल में आएगा बजट : कृष्ण बेदी

विज्ञापन
ओढां में ग्रामीणों को संबोधित करते पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी। संवाद - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ओढां (सिरसा)। गांव चोरमार खेड़ा के एक निजी रिजॉर्ट में नवनिर्वाचित पंचायतों के सम्मान स्वरूप कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव एवं पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी ने विशेष रूप से शिरकत कर सरपंचों, पंचों व ब्लॉक समिति सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि गांवों की छोटी सरकार का गठन हो चुका है। अब नवनिर्वाचित पंचायतों की जिम्मेवारी है कि वे अपने गांव के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि पंचायतें एस्टीमेट बनवाकर रखें, अप्रैल में बजट आएगा। उन्होंने सरपंचों से कहा कि अगले 5 वर्षों में वे गांव का विकास करवाकर अपनी रेपुटेशन बनाएं, ताकि लोग उनकी सराहना करें। उन्होंने कहा कि इस बार पढ़े-लिखे उम्मीदवार सरपंच बने हैं, जो विकास को बेहतर ढंग से गति दे सकते हैं। उन्होंने सरपंचों से कहा कि वे एस्टीमेट बनाकर रखें। अप्रैल माह में बजट आ जाएगा।
विज्ञापन

कृष्ण बेदी ने कहा कि सरपंचों को सबसे पहले अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। देखा जाता है कि सरपंच ग्राम सचिव के अनुसार ही कार्य करते हैं। ग्राम सचिव सरपंचों का सहयोगी होता है, उसे बोस न बनाएं। उसे स्पष्ट कह दें कि वह अपने कार्य से मतलब रखें। अगर सेक्रेटरी, जेई या अन्य अधिकारी गांव में विकास कार्य का एस्टीमेट तैयार नहीं करते तो उन्हें बताएं। उन्होंने पंचायतों को सचेत करते हुए कहा कि कोई भी सरपंच भूलकर भी गांव में कोई एडवांस कार्य न करवाएं। राजनीतिक सचिव ने नशे पर बोलते हुए कहा कि नई पंचायतें नशे को खत्म करने का कार्य करें। नशा युवाओं को खत्म कर रहा है। इसके लिए चाहे खेलों का सहारा लें या जागरूकता शिविर लगाएं या फिर अन्य किसी तरह से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सरपंच गांव में शिक्षा को बढ़ावा देने, सफाई अभियान चलाने, नशे के खिलाफ अभियान चलाने जैसे सराहनीय कार्य करें।
सरपंच बोले, बीडीपीओ व एसईपीओ नहीं सुनते
पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि गांव रामपुरा बिश्नोइयां के सरपंच साधुराम ने कहा कि बीडीपीओ व एसईपीओ सुनते ही नहीं तो फिर सरपंच का फायदा क्या। बीडीपीओ कार्यालय में बैठते ही नहीं। इसी बात के साथ ही गांव सिंघपुरा, मौजगढ़, लक्कड़ांवाली सहित कई सरपंच भी बोल उठे कि बीडीपीओ कार्यालयों में बुरा हाल है। न ही तो एस्टीमेट बनाए जा रहे और न ही अफसर बैठते। उन्होंने इ-टेंडरिंग पर कहा कि सरकार सरपंचों को चोर बना रही है। इसके बाद काफी देर तक शोरशराबा होता रहा। इसके बाद, कृष्ण बेदी ने उन्हें शांत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जो कुछ किया है वो बहुत सोच-समझकर पंचायतों के हित में किया है। सरपंचों ने कृष्ण बेदी को ज्ञापन भी सौंपा।
पोर्टल पर रखें मांग व शिकायत
राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार ने विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए गांवों में ग्राम दर्शन पोर्टल व शहरों के लिए नगर दर्शन पोर्टल बनाया है। इसके माध्यम से आम आदमी को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अपनी बात रखने व उसके समाधान करवाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पोर्टल पर आम लोग अपनी मांग, शिकायत और सुझाव भी दे सकेंगे। पोर्टल पर हरियाणा के प्रत्येक निकायों व गांवों में क्रियान्वित किए जा रहे विकास कार्यों सहित नए विकास कार्यों की मांग का संपूर्ण डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। कार्यक्रम के बाद कृष्ण बेदी ने लोगों की लिखित समस्याएं भी लीं।
विज्ञापन

जनता व सरकार के बीच कड़ी का काम करते हैं सरपंच
भाजपा के जिलाध्यक्ष आदित्य देवीलाल व पूर्व विधायक बलकौर सिंह ने कहा कि सरपंच जनता व सरकार के बीच कड़ी का काम करते हैं। सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सभी पंचायतें एकजुट होकर अपने-अपने गांवों में ये एलान करें कि कोई भी व्यक्ति नशा बेचने वाले की न ही तो जमानत करवाएगा और न ही पक्ष लेगा। पूर्व मंत्री बेदी ने कालांवाली से टिशू प्रधान की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश बोस्ती, बलजिंद्र सिंह जोशन, मंडल अध्यक्ष धविंदर पाल शर्मा, बलवंत सिंह मिरोक, सुनील बहल, महावीर गोदारा मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें