संवाद न्यूज एजेंसी
बडागुढ़ा। सरकार की ओर से डबवाली को नया जिला बनाने के कयास लगाए जा रहे हैं। इसमें रोड़ी व बड़ागुढ़ा थाना क्षेत्र के भी गांवों को शामिल करने की चर्चा है। इसके विरोध में सोमवार को गांव बडागुढ़ा के बीडीपीओ कार्यालय में पंचायत बुलाई गई। इस दौरान विभिन्न गांवों के सरपंच व पूर्व सरपंच, किसान संगठनों के पदाधिकारी, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संस्थाओं के सदस्य तथा ब्लॉक समिति सदस्य पहुंचे।
पंचायत में विचार विमर्श कर निर्णय लिया कि रोड़ी व बडागुढ़ा थाना क्षेत्र के गांवों को डबवाली जिला में शामिल करने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उक्त गांव सिरसा जिला में ही रहने चाहिए। इस दौरान लोगों ने चार घंटे सांकेतिक धरना भी लगाया। इस दौरान 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जोकि 29 जुलाई को उपायुक्त से मिलकर मुख्यमंत्री से बातचीत करने की मांग करेगी।
वक्ताओं ने कहा कि उन्हें डबवाली को नया जिला बनाने पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन उन्हें पता चला है कि रोड़ी व बडागुढ़ा थाना क्षेत्र के कई गांवों को भी डबवाली जिला में शामिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसका वे विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ज्यादातर गांव सिरसा से 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि डबवाली की दूरी 55 से 60 किलोमीटर है। उक्त गांवों से डबवाली जाने के लिए कोई यातायात की विशेष सुविधा भी नहीं है। इसलिए रोड़ी व बडागुढ़ा थाना क्षेत्र के सभी गांवों को सिरसा जिला में ही रखा जाए। इस अवसर पर किसान यूनियन के प्रधान बाबा गुरदीप सिंह झीड़ी, राष्ट्रीय किसान मंच से लक्खा सिंह अलीकां, सिकंदर सिंह रोड़ी, बाबा प्रीतम सिंह मलड़ी, लोक चेतना के कोऑर्डिनेटर राजकुमार शेखुपुरिया, नौजवान भारत सभा से वकील सिंह रोड़ी व कुलविंदर सिंह रोड़ी, पूर्व सरपंच त्रिलोचन सिंह अलीकां, प्रिंसिपल बलदेव सिंह, लखमीचंद जांगड़ा, राजीव केहरवाला, ब्लॉक समिति के वाइस चेयरमैन गुरदेव सिंह, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान सुखविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।