बुजुर्गों के पेंशन फॉर्म भरने वाली एक पढ़ी-लिखी महिला को
ग्रामीणों ने गांव की कमान सौंपते हुए सरपंच बना दिया। गांव चतरगढ़पट्टी
निवासी सुमन सैनी बारहवीं तक पढ़ी हुई है।
ग्रामीण महिलाओं को कोई सरकारी
फॉर्म भरवाना होता तो वे सुमन के पास आते। सुमन सैनी ने बुजुर्गों की सेवा
को अपना धर्म समझती थी। वह उनको सरकारी योजनाओं के बारे में अवगत करवाती
रहती है।
सुमन सैनी के पति मुकेश सैनी खेतीबाड़ी करते हैं। पंचायती चुनाव
घोषित होने के बाद मुकेश ने पत्नी सुमन को सरपंच पद के लिए प्रत्याशी बनाया।
ग्रामीणों ने सुमन के सेवाभाव को देखते हुए उसे अपना
सरपंच स्वीकार करने का मन बना लिया। इसके साथ ही पूरे गांव ने सर्वसम्मति
से सुमन को सरपंच चुन लिया।
गांव को विकास के पथ पर ले जाना ही लक्ष्य
सरपंच चुने जाने पर सुमन ने कहा कि गांव को विकास के पथ पर ले जाना ही अब
उनका मुख्य उद्देश्य है। ग्रामीणों ने जो विश्वास दिखाया है, उस पर खरा
उतरने का हमेशा प्रयास रहेगा।
जल्द ही सभी ग्रामीणों के साथ बैठक करके गांव
के विकास कार्यों की सूची बनाकर कामकाज की शुरूआत की जाएगी। नवनियुक्त
सरपंच सुमन सैनी का कहना है कि वे अपने गांव चतरगढ़पट्टी को आदर्श गांव
बनाना चाहती है।
गांव में एक भी घर बिना शौचालय के नहीं रहेगा और गांव में
सौ प्रतिशत आधार कार्ड के लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना
है कि सुमन के रूप में उन्हें योग्य सरपंच मिला है। उन्हें उम्मीद है कि
गांव में प्राथमिक सामुदायिक केंद्र के निर्माण के अलावा तमाम विकास कार्य
पूरे होंगे।