सिरसा। कोर्ट में फर्जी दस्तावेज जमा कराकर जमानत कराने के मामले में पुलिस ने जमानतदार की पहचान करने वाले आरोपी पंच मुकेश कुमार को छह माह बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अभियोग दर्ज किया था।
शहर थाना पुलिस ने 21 फरवरी 2018 को विजय सोनी, निवासी गांव कुलेरी जिला हिसार के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। 15 मई 2024 को आरोपी ने न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार की कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। 16 मई को कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। उसी दिन आरोपी ने जमानत बांड प्रस्तुत किए। राकेश पुत्र भूप सिंह निवासी गांव कुलेरी जिला हिसार, आरोपी विजय सोनी के लिए जमानतदार के रूप में कोर्ट में खड़ा हुआ और एक लाख रुपये की राशि के जमानत बांड प्रस्तुत किए। उसने गांव कुलेरी की फर्द जमाबंदी 2020-21 प्रस्तुत की। इस दौरान गांव कुलेरी के पंच मुकेश कुमार ने राकेश कुमार की पहचान की।
असली राकेश ने कोर्ट को बताया मैं आरोपी तस्कर को नहीं जानता
6 जून को राकेश कुमार पुत्र भूप सिंह, निवासी गांव कुलेरी ने कोर्ट में याचिका लगाई। जिसमें शिकायत की गई कि मुकेश कुमार पंच और अन्य व्यक्तियों ने उसकी जमाबंदी और अन्य दस्तावेज का दुरुपयोग किया है। कोर्ट ने 23 सितंबर 2024 को तलब किया। उसने कोर्ट में बयान दिया कि वह कभी आरोपी विजय सोनी का जमानतदार नहीं था। कुछ व्यक्तियों ने उसके स्थान पर उससे संबंधित भूमि के दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। इसके बाद कोर्ट ने जमानतदार की पहचान करने वाले पंच मुकेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस ने 4 अक्तूबर 2024 को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सिविल लाइन थाना प्रभारी राम कुमार का कहना है कि आरोपी पंच मुकेश कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।