पुलिस ने दुराचार की धमकी देकर लूटने वाले अंतरराजीय गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पूछताछ में गिरोह ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आधा दर्जन से ज्यादा वारदात को अंजाम देकर लाखों रुपये ऐंठने की बात कबूल की हैं। सदर थाना प्रभारी सुरेश पाल व सीआईए प्रभारी राकेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि गांव गंगा निवासी सुरेंद्र कुमार पुत्र रमेश कुमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उक्त गिरोह को शनिवार को गांव डबवाली से दबोच लिया गया।
सुरेंद्र कुमार ने बताया था कि 23 जून को वह शहर में आया हुआ था। इस दौरान रेलवे फाटक के पास एक महिला ने उससे लिफ्ट मांगते हुए कबीर बस्ती में छोड़ने को कहा। जब वह बाइक से उक्त महिला को कबीर बस्ती लेकर पहुंचा तो वहां एक मकान में गोरे रंग की एक महिला पहले से ही मौजूद थी। दोनों महिलाओं ने दुराचार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये की मांग की। जैसे ही वह मकान से बाहर निकलने का प्रयास करने लगा तो वहां पर 5-6 अन्य व्यक्ति आ गए और जबरन उसकी जेब से 11 हजार रुपये की नकदी व मोबाइल निकाल लिया।
शेष 90 हजार की राशि देने के लिए फोन पर दबाव बनाते रहे, जिससे शनिवार को 90 हजार रुपये गांव डबवाली में देने की बात तय हुई थी। सुरेंद्र कुमार ने पूरे मामले की जानकारी सीआईए और सदर पुलिस को दी। पुलिस ने शनिवार को टीम बनाकर कार्रवाई करते हुए गिरोह के आठ सदस्यों को दबोच लिया। उनसे वारदात में प्रयोग की गई कार भी बरामद की है।
ये हुए गिरफ्तार
पकड़े गए गिरोह के सदस्यों की पहचान हरजीत कौर उर्फ रानी पत्नी बैसाखा सिंह निवासी आलमवाला, अमरजीत कौर पत्नी चढ़त सिंह निवासी गांव डबवाली, छिंदर पाल कौर पत्नी लखपत सिंह निवासी नरसिंह कॉलोनी, केसम सिंह उर्फ रोशन पुत्र मौढ़ा सिंह निवासी आलमवाला जिला मुक्तसर, मंदर सिंह पुत्र चढ़त सिंह निवासी कबीर बस्ती डबवाली, कालू राम पुत्र दयाल चंद निवासी गांव अबूबशहर, जगसीर सिंह उर्फ काला पुत्र राम सिंह निवासी गांव देसू मलकाना, बितला उर्फ राहुल पुत्र सुच्चा सिंह नरसिंह कॉलोनी के तौर पर हुई है। इनमें महिलाओं को शनिवार को अदालत में पेश कर उनका रिमांड लिया गया है। शेष व्यक्तियों को रविवार को अदालत में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा।
यूं करते थे वारदात
इस गिरोह की महिला सदस्य पुरुषों से लिफ्ट लेने के बहाने अपने ठिकाने पर ले जाती थी और वहां पर पहले से मौजूद अन्य महिला पुरुष को अपनी बाताें में उलझाकर अपना शिकार बनाती थी। बाद में गिरोह के अन्य पुरुष और महिला सदस्य उक्त व्यक्ति को दुराचार के मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठते थे।