सिरसा। किसान खेतों से जैसे तैसे सरसों को निकालकर अनाज मंडी में पहुंचा रहे हैं, लेकिन किसानों समर्थन मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है। कभी सरसों में अधिक नमी तो कभी टोकन न कटने से किसानों को परेशान होकर निजी व्यापारियों को कम दाम पर उपज बेचनी पड़ रही है। आंकड़ों के अनुसार अनाज मंडी में अब तक एक लाख 44 हजार सरसों की खरीद हो चुकी है। इसमें से केवल 20 हजार क्विंटल सरसों की एमएसपी पर खरीद हो पाई है। शेष सरसों निजी व्यापारियों ने खरीदी है।
अनाज मंडी में हररोज 15 हजार क्विंटल सरसों की आवक हो रही है। डिंग मंडी क्षेत्र से सरसों लेकर पहुंचे किसान किशन कुमार, दलीप सिंह, सुखराम सिंह, चरणजीत सिंह ने बताया कि इस बार मौसम की मार के कारण जैसे तैसे कर मुश्किल से सरसों को खेत से निकाला है। अब मंडियों में वे उपज लेकर पहुंच रहे है। यहां पर अधिक नमी बताकर उन्हें सरसों सूखाने के लिए कहा जा रहा है। इससे परेशान होकर वे निजी व्यापारियों को उपज बेचने को मजबूर हो रहे हैं। किसान कभी मंडी में सैंपल लेकर पहुंच रहे हैं और नमी की पहले ही जांच करवा पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। कई किसानों को अधिक नमी होने तो कभी पोर्टल पर उनका नाम अपडेट न होने की जानकारी देकर लौटा रहे है।
अब हर रोज बढ़ रही है सरसों की आवक
मौसम साफ होने के बाद अब मंडियों में हर रोज सरसों की आवक भी बढ़ना शुरू हो चुकी है। बुधवार को जिले में 15 हजार 229 क्विंटल सरसों की आवक हुई है। इसम में दो हजार 31 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद हुई, शेष सरसों की खरीद निजी एजेंसियों की ओर से खरीदी गई है।
मंडियों में सरसों की आवक के बाद मशीन से ही नमी जांच की जा रही है। आठ फीसदी नमी वाली सरसों की खरीद की जा रही है। किसान घर से ही सरसों को सूखाकर मंडी में लेकर पहुंचे, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। - वीरेंद्र मेहता, सचिव मार्केट कमेटी सिरसा ।