अभियान के दौरान मेडिकल स्टोर की जांच करती टीम।
सिरसा। गैर कानूनी काम, अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ओर से जिले में ऑपरेशन आक्रमण चलाया गया। पुलिस की 63 टीमों ने मादक पदार्थ तस्करों, अवैध शराब तस्करों, अवैध असला धारकों, जुआ व सट्टा खाईवाली करने वालों तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे लोगों के ठिकानों पर दबिश दी। ऑपरेशन के तहत पुलिस ने 24 मामले दर्ज कर 37 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से शराब, चूरापोस्त तथा अन्य अवैध सामान भी बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के नेतृत्व में जिला भर में सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक ऑपरेशन आक्रमण चलाया गया। इस अभियान के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत 18 अभियोग दर्ज कर 18 लोगों को गिरफ्तार कर 300 लीटर लाहन, 238 बोतल देसी शराब, 24 बोतल बियर तथा 13 बोतल अवैध शराब बरामद की गई। इसी प्रकार मादक पदार्थ अधिनियम के तहत तीन मामले दर्ज कर 12 किलो 600 ग्राम चूरापोस्त बरामद कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जुआ अधिनियम के तहत 3 अभियोग दर्ज कर तीन लोगों को काबू कर उनके कब्जे से 4540 रुपये की सट्टा राशि बरामद की गई। इसके अलावा चलाए गए विशेष अभियान के तहत 13 वांछित भगोड़े को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गई। ऑपरेशन आक्रमण के दौरान जिला पुलिस ने जिले के अंदर तथा सीमावर्ती राज्यों पंजाब व राजस्थान की ओर से प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन व व्यक्ति की बारीकी से चेकिंग कर संदिग्ध किस्म के लोगों पर पैनी नजर रखी। इस अभियान के तहत जिला पुलिस टीमों ने विशेष तौर पर मादक पदार्थ तस्करों व अवैध असलहा धारकों तथा विभिन्न मामलों में वांछित आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान जिला के सभी शहरों कस्बा के चौक-चौराहों व सार्वजनिक स्थानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध मार्गों पर विशेष रूप से नाकाबंदी, चेकिंग व पैदल गश्त कर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया ।
अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन में पुलिस की मौजूदगी दर्ज कराना : एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि अभियान का उद्देश्य आमजन में पुलिस की मौजूदगी दर्ज कराना है, ताकि आमजन अपने आपको सुरक्षित महसूस करें। इसके अलावा अपराध एवं अपराधियों तथा गैर कानूनी धंधा करने वालों पर कारगर ढंग से शिकंजा कसना है। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधों पर रोक लगाना नहीं बल्कि जनता के साथ मधुर संबंध रखते हुए उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े और वे खुद को सुरक्षित महसूस करें, इसको लेकर सभी पुलिस कर्मचारी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी का निर्वाह करें।