संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। लोगों की समस्याओं के समाधान करने के लिए जिला प्रशासन ने बीडीपीओ कार्यालय में खुला दरबार लगाया। लोगों की शिकायतें सुनने के लिए सहायक आयुक्त (प्रशिक्षणाधीन) यश जालुका मुख्य रूप से मौजूद रहे। खुले दरबार में लोगों ने अपनी शिकायतों के जरिये विभिन्न विभागों के अधिकारियों को घेरे रखा। इस दौरान कुल 40 शिकायतें आई। सहायक आयुक्त ने शिकायतों पर अधिकारियों की खूब क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज न कर उनका समाधान करें। इस दौरान शिकायतों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
खुले दरबार में किसानों ने बीमा राशि न मिलने का मुद्दा उठाकर बीमा कंपनी को कटघरे में खड़ा कर दिया। किसानों ने कहा कि उन्हें वर्ष 2020 की खरीफ की फसल का बीमा नहीं मिला। उन्हें बीमा राशि ब्याज समेत मिलनी चाहिए। बीमा कंपनी ने जो कर्मचारी छोड़ रखें हैं उनके पास न ही तो कोई रिकॉर्ड है और न ही उनके पास कोई जानकारी। इस बात पर कंपनी के कर्मचारियों व कृषि विभाग के एसडीओ को मौके पर बुलाते हुए पूछा कि ये क्या हो रहा है। इस बात पर कंपनी के कर्मचारियों ने कहा कि बीमा राशि न मिलने बारे कंपनी हमें भी नहीं बता रही। जिसके बाद एसडीओ से पूछा गया तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि किसानों की बीमा न मिलने की जो शिकायत हैं उस बारे वे पता करेंगे। वहीं किसानों ने यूरिया खाद न मिलने का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि ओढां के इफको केंद्र पर किसानों को प्रति बैग के साथ अन्य सामान लेने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि खाद पहले पैक्स में आनी चाहिए। इस बात पर आयुक्त ने एसडीओ से पूछा तो उन्होंने माना कि खाद की किल्लत तो है, जो अगला रैक आएगा वो पैक्स में भेजा जाएगा। वहीं आनंदगढ़ के सरपंच ने आधा-अधूरा सामान व रिकॉर्ड मिलने की शिकायत की। इस पर सहायक उपायुक्त ने ग्राम सचिव की जमकर क्लास लगाते हुए कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग में कार्य कर चुके कुछ सक्षम युवाओं ने हाजिरी न लगाने की शिकायत रखी। इसके जवाब में कृषि अधिकारी सफाई देते नजर आए। इस अवसर पर डीडीपीओ राजेश शर्मा, एसडीओ रमाकांत शर्मा, डीएसपी यादराम, एसईपीओ उमेद कुमार, एसएचओ ओढां कर्ण सिंह, एसएचओ कालांवाली रामफल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
हाईवे पर गंदे पानी की निकासी न होने से लोग परेशान
ओढां के लोगों ने हाईवे से गंदे पानी की निकासी व नाले की सफाई करने की मांग करते हुए कहा कि इस बारे एनएचएआई के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। ऐसे में जहां हाईवे टूट रहा है, तो वहीं लोगों भी परेशान हो रहे हैं। इस बात पर सहायक आयुक्त ने संबंधित विभाग से बात की। लोगों ने कहा कि ओढां सीएचसी में रेडियोग्राफर के अभाव में लाखों की एक्स-रे मशीन कबाड़ हो गई है। इस पर आयुक्त ने चिकित्सक सुमित जैन से जवाब मांगा।
नशेड़ियों का अड्डा बने ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के शेड
नुहियांवाली निवासी राजपाल ने शिकायत देते हुए कहा कि सरकार ने गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से हॉलनुमा शेड बनवाए थे। अधिकारियों की अनदेखी की वजह से इन शेडों पर या तो लोगों के कब्जे हैं या ये नशेड़ियों के अड्डे बने हुए हैं। इस शिकायत पर सहायक आयुक्त ने एसईपीओ उमेद कुमार से पूछा तो उन्होंने कोई संतुष्टिजनक जवाब न देते हुए स्वीकार किया कि ये कोई काम नहीं आ रहे। इसके बाद अधिकारी ने उचित निर्देश दिए। एक अन्य शिकायतकर्ता ने कहा कि गांव नुहियांवाली में भूमि कब्जे की शिकायत पर ग्राम सचिव पिछले करीब सात माह से कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्राम सचिव से जब जवाबतलबी की गई तो वह सफाई देता नजर आया। गांव चकेरियां निवासी एक सेवानिवृत्त फौजी ने कहा कि उसके यहां पानी का कनेक्शन नहीं हो रहा। इसके बाद सहायक आयुक्त ने जेई को समाधान करने के निर्देश दिए। महिला मजदूरों ने मनरेगा की मजदूरी न मिलने का मुद्दा उठाया।