संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नागरिक अस्पताल में दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को ओपीडी शुरू हो गई। ओपीडी खुलने के साथ ही मरीजों की भीड़ रही, लोगों को घंटों लाइन में लगाकर अपना इलाज करवाना पड़ा। अब फिर बुधवार को चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे। इससे मरीजों का दर्द और बढ़ने वाला है। हालांकि इस दौरान नागरिक अस्पताल में एमरजेंसी सेवाएं शुरू रहेंगी।
प्रदेश सरकार की ओर से हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन की मांगों पर कोई विचार नहीं करने पर चिकित्सक एसोसिएशन ने 27 दिसंबर को ओपीडी बंद के निर्णय लिया है। चिकित्सक काले बिल्ले लगाकर अपना रोष जताएंगे। मंगलवार को नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए आने वाले मरीजों की ओपीडी डेढ़ गुना अधिक रही। सबसे ज्यादा खांसी, जुकाम, बुखार व सांस लेने में हो रही समस्याओं के लिए के लिए लोग पहुंचे। ओपीडी मरीजों की संख्या 1200 के पार पहुंच गईं। दवाइयां लेने के लिए मरीजों को एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। चिकित्सकों के कैबिनों के बाहर भीड़ रही।
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ये हैं एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन।
गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति योजना लागू हो।
एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए।
पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख की जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल किया जाए।
स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव।
डॉक्टर का 10 साल में प्रमोशन।
पीजी पॉलिसी बनाई जाए।
कोविड के 40 सैंपल लिए
सिरसा नागरिक अस्पताल में कोविड के 40 व स्वाइन फ्लू के दो सैंपल मंगलवार को लिए गए। इनमें से डबवाली में कोविड के 20 व ऐलनाबाद में 10 सैंपल लिए गए। गरिक अस्पताल के आईसीयू में 6 मरीज भर्ती हैं जिनका इलाज चल रहा है। वहीं अस्पताल के बच्चा वार्ड में 10 बच्चों का इलाज चल रहा है।
दो दिन के अवकाश के बाद बच्चों की दवाई लेने के लिए ओपीडी ज्यादा रही। ओपीडी के दौरान खांसी, जुकाम, बुखार आदि के बच्चे इलाज के लिए हमारे पास आए। जिन बच्चों को ज्यादा समस्या थी उन बच्चों को भर्ती कर लिया है और उनका इलाज चल रहा है। वहीं ज्यादा गंभीरता पाए जाने के कारण बच्चों के सैंपल भी जांच के लिए किए जा रहे हैं ताकि वायरस जैसी कोई बीमारी न हो। - डाॅ. भरत भूषण, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल सिरसा।